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Uttarkashi News: शिक्षकों ने यूजीसी के नए नियमों का स्वागत किया
Wed, 28 Jan 2026 05:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 28 Jan 2026 05:50 PM IST
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उत्तरकाशी। देशभर में एक तरफ यूजीसी के नए नियमों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं अनुसूचित जाति जनजाति शिक्षक एसोसिएशन से जुड़े शिक्षकों ने उच्च शिक्षा में सामाजिक न्याय की दिशा में यूजीसी के नए नियमों का खुलकर स्वागत किया है।
अनुसूचित जाति जनजाति शिक्षक एसोसिएशन उत्तराखंड का कहना है कि इन विनियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में लंबे समय से व्याप्त जाति आधारित भेदभाव को समाप्त करना है जिससे सभी वर्गों के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए भयमुक्त, सम्मानजनक और समान वातावरण का निर्माण होगा।
पहली बार इन विनियमों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग को भी स्पष्ट रूप से कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया है। जो सामाजिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार है। जनजाति शिक्षक एसोसिएशन उत्तरकाशी के अध्यक्ष चिरंजी लाल राही ने कहा कि एसोसिएशन उत्तराखंड विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के इस दूरदर्शी निर्णय का पूर्ण समर्थन करता है। इस अवसर पर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजकुमार, शूरवीर पुनेठा, अनिता शाह आदि उपस्थित रहे। संवाद
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अनुसूचित जाति जनजाति शिक्षक एसोसिएशन उत्तराखंड का कहना है कि इन विनियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में लंबे समय से व्याप्त जाति आधारित भेदभाव को समाप्त करना है जिससे सभी वर्गों के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए भयमुक्त, सम्मानजनक और समान वातावरण का निर्माण होगा।
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पहली बार इन विनियमों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग को भी स्पष्ट रूप से कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया है। जो सामाजिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार है। जनजाति शिक्षक एसोसिएशन उत्तरकाशी के अध्यक्ष चिरंजी लाल राही ने कहा कि एसोसिएशन उत्तराखंड विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के इस दूरदर्शी निर्णय का पूर्ण समर्थन करता है। इस अवसर पर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजकुमार, शूरवीर पुनेठा, अनिता शाह आदि उपस्थित रहे। संवाद
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