{"_id":"5720c0964f1c1b4c0fa9169b","slug":"tambakhani-landslide-budget-needs-for-treatment","type":"story","status":"publish","title_hn":"तांबाखानी भूस्खलन ट्रीटमेंट के लिए बजट की जरूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तांबाखानी भूस्खलन ट्रीटमेंट के लिए बजट की जरूरत
ब्यूरो/अमर उजाला उत्तरकाशी
Updated Wed, 27 Apr 2016 07:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगोत्री विधायक विजयपाल सजवाण ने राज्यपाल से मिलकर वरुणावत के तांबाखानी वाले छोर पर सक्रिय भूस्खलन को उपचारित करने के लिए बजट आवंटित करने की मांग की है। बता दें कि वर्ष 2003 में हुए वरुणावत भूस्खलन ने जिला मुख्यालय पर भारी तबाही मचाई थी।
विज्ञापन
वरुणावत त्रासदी से निपटने के लिए केंद्र सरकार से मिले ढाई सौ करोड़ के बजट से पहाड़ी का उपचार करने के साथ ही क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का पुनर्निर्माण कराया गया। तांबाखानी वाले छोर से सक्रिय भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए यहां करीब बीस करोड़ रुपये खर्च कर सुरंग का निर्माण तो कराया गया, लेकिन बाहरी हिस्से का उपचार नहीं कराया गया।
विज्ञापन
यही कारण रहा कि बीते सालों की बरसात में बाहरी हिस्से से हो रहा भूस्खलन ऊपर तक पहुंचकर वरुणावत शीर्ष पर कराए गए करोड़ों के ट्रीटमेंट कार्य के लिए ही खतरा बन गया है। मंगलवार को राज्यपाल से मिलकर विधायक सजवाण ने बताया कि तांबाखानी भूस्खलन बरसात में फिर सक्रिय होने का खतरा है।
विज्ञापन
इसके कारण यदि शीर्ष पर कराया गया ट्रीटमेंट फेल हुआ, तो फिर से नीचे जिला मुख्यालय, इंदिरा कालोनी और मस्जिद मोहल्ला वाले क्षेत्र के लिए बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा। भू-वैज्ञानिक एवं टीएचडीसी के विषय विशेषज्ञ इस संबंध में आगाह कर चुके हैं। उन्होंने राज्यपाल से इसके लिए बजट आवंटित करने की मांग की है।