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Uttarkashi News: राज्य आंदोलनकारियों का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट की छत पर चढ़े
Fri, 02 Oct 2026 06:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Fri, 02 Oct 2026 06:38 PM IST
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फोटो सहित
मूल निवास अनिवार्य करने और सशक्त भू-कानून लागू करने आदि की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
उत्तरकाशी। सरकारी नौकरियों में मूल निवास अनिवार्य करने और हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में सशक्त भू-कानून लागू करने समेत कई मांगों के संबंध में राज्य आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन किया। उक्रांद और चिह्नित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के नेतृत्व में भैरव चौक से मुख्य बाजार होते हुए राज्य निर्माण आंदोलनकारी चौक तक रैली निकाली गई। इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे आंदोलनकारियों को जिलाधिकारी कार्यालय पर ताला बंद मिला जिसके बाद कुछ आंदोलनकारी कार्यालय की छत पर चढ़ गए और जमकर नारेबाजी की। पंद्रह मिनट बाद वह नीचे उतर आए।
केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विजेंद्र पोखरियाल के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने तत्कालीन पुलिस कार्रवाई के विरोध में पुलिस का पुतला भी फूंका। डॉ. पोखरियाल ने कहा कि राज्य निर्माण के लिए आंदोलनकारियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया है और उनके अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आंदोलनकारियों की लंबित पेंशन के मामलों का जल्द निस्तारण करने की मांग की। उक्रांद की केंद्रीय महामंत्री किरन रावत ने सरकारी नौकरियों में मूल निवास 1950 को अनिवार्य करने, हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में सशक्त भू-कानून लागू करने, राज्य आंदोलनकारियों को राज्य सेनानी का दर्जा देने, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में राज्य आंदोलनकारियों के लिए 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने, पेंशन में सम्मानजनक वृद्धि करने आदि की मांग की। प्रदर्शन के बाद एडीएम मुक्ता मिश्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। प्रदर्शन में उक्रांद की केंद्रीय महामंत्री किरन रावत, जिलाध्यक्ष विजय बहादुर सिंह रावत, खुशहाल सिंह बिष्ट, राजेंद्र पैन्यूली, मायाराम कंडियाल, संतोष सेमवाल, दशरथ सिंह राणा, सूरमा देवी, मंदोदरी देवी, डबली देवी, अशरफी देवी, सोना देवी पोखरियाल आदि मौजूद रहे।
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मूल निवास अनिवार्य करने और सशक्त भू-कानून लागू करने आदि की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
उत्तरकाशी। सरकारी नौकरियों में मूल निवास अनिवार्य करने और हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में सशक्त भू-कानून लागू करने समेत कई मांगों के संबंध में राज्य आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन किया। उक्रांद और चिह्नित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के नेतृत्व में भैरव चौक से मुख्य बाजार होते हुए राज्य निर्माण आंदोलनकारी चौक तक रैली निकाली गई। इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे आंदोलनकारियों को जिलाधिकारी कार्यालय पर ताला बंद मिला जिसके बाद कुछ आंदोलनकारी कार्यालय की छत पर चढ़ गए और जमकर नारेबाजी की। पंद्रह मिनट बाद वह नीचे उतर आए।
केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विजेंद्र पोखरियाल के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने तत्कालीन पुलिस कार्रवाई के विरोध में पुलिस का पुतला भी फूंका। डॉ. पोखरियाल ने कहा कि राज्य निर्माण के लिए आंदोलनकारियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया है और उनके अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आंदोलनकारियों की लंबित पेंशन के मामलों का जल्द निस्तारण करने की मांग की। उक्रांद की केंद्रीय महामंत्री किरन रावत ने सरकारी नौकरियों में मूल निवास 1950 को अनिवार्य करने, हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में सशक्त भू-कानून लागू करने, राज्य आंदोलनकारियों को राज्य सेनानी का दर्जा देने, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में राज्य आंदोलनकारियों के लिए 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने, पेंशन में सम्मानजनक वृद्धि करने आदि की मांग की। प्रदर्शन के बाद एडीएम मुक्ता मिश्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। प्रदर्शन में उक्रांद की केंद्रीय महामंत्री किरन रावत, जिलाध्यक्ष विजय बहादुर सिंह रावत, खुशहाल सिंह बिष्ट, राजेंद्र पैन्यूली, मायाराम कंडियाल, संतोष सेमवाल, दशरथ सिंह राणा, सूरमा देवी, मंदोदरी देवी, डबली देवी, अशरफी देवी, सोना देवी पोखरियाल आदि मौजूद रहे।
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