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यमुनोत्री पैदल मार्ग में बर्फ बनी रोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, उत्तरकाशी
Updated Tue, 21 Mar 2017 10:35 PM IST
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चारधाम के प्रमुख तीर्थस्थल यमुनोत्री के कपाट करीब एक माह बाद अक्षय तृतीय पर्व पर खुलेंगे, लेकिन इस वर्ष देर से हुई भारी बर्फबारी के कारण यात्रा से पहले यमुनोत्री जाने वाला पैदल रास्ता ठीक करना प्रशासन के लिए चुनौती बना है। अधिक बर्फबारी के कारण अभी यह पता नहीं चल पा रहा है कि पैदल रास्ता कहां पर क्षतिग्रस्त है।
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यमुनोत्री हाईवे की स्थिति भी कुछ अच्छी नहीं है। यमुनोत्री जाने के लिए बड़कोट से जानकीचट्टी तक 42 किमी हाईवे ऊबड़-खाबड़ हालत में है। फूलचट्टी से जानकीचट्टी के बीच एडीबी की ओर से सड़क पर पौने आठ करोड़ की लागत का कार्य चल रहा है, जिसमें नाली निर्माण व अन्य सुधारीकरण का कार्य शामिल है। अधिकारियों की गैर मौजूदगी में कार्यों की देखरेख नहीं होने से मजदूर व ठेकेदार मनमाना काम कर रहे हैं।
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वहीं, जानकीचट्टी से यमुनोत्री की ओर जाने वाला पांच किमी का पैदल मार्ग बर्फबारी के कारण करीब एक माह से बंद पड़ा है। यहां पांच करोड़ की लागत से गत वर्ष से चौड़ीकरण व सुंदरीकरण का कार्य चल रहा है।
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बर्फबारी की चादर से ढके पांच किमी पैदल मार्ग पर कुछ जगह छोड़कर रेलिंग तो लगी है, लेकिन हिमपात के चलते सीसी व पत्थरों की टायल्स नहीं लग पाई है। अत्यधिक बर्फ होने के कारण पैदल मार्ग की हालत का पता नहीं चल पा रहा। सबसे अधिक समस्या घोड़ा पड़ाव की है, जिसका अभी तक बहुत कार्य होना बाकी है। घोड़ा पड़ाव में रेलिंग के साथ ही सुंदरीकरण कार्य अधर में लटका है।
बहरहाल मौसम के मिजाज को देखते हुए अधिकारी मौसम अनुकूल होते ही युद्धस्तर पर अधूरे कार्य को पूरा करवाते हैं, तो मार्ग पर यात्रा सुगम होने की उम्मीद है। लेकिन मौसम के साथ ही अधिकारियों की लापरवाही के चलते इस बार भी यात्रियों को जोखिमभरी यात्रा करनी पड़ सकती है।
यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने कहा कि अधिकारियों को मौसम अनुकूल होते ही अधूरे कार्यों में तेजी लाने को कहा गया है। यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष पवन उनियाल ने भी प्रशासन से यात्रा मार्गों की स्थिति में सुधार लाने की मांग की है। हालांकि लोनिवि के एई भृगुनाथ द्विवेदी का कहना कि यात्रा शुरू होने से पहले पैदल मार्ग दुरुस्त कर दिया जाएगा।