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आंगनबाड़ी सेविकाओं को पोषण वाटिका के लिए दिए बीज
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कृषि विज्ञान केंद्र में पर्वतीय समुदाय की पोषण सुरक्षा पर आयोजित वेबिनार में शामिल हुये लोग।
- फोटो : UTTER KASHI
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कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा पोषण सुरक्षा में पोषण वाटिका की भूमिका विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। इस दौरान विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के विषय विशेषज्ञों ने पोषण वाटिका के महत्व तथा इसे स्थापित करने के तौर तरीकों के बारे में बताया। वेबिनार में शामिल आंगनबाड़ी सेविकाओं को पोषण वाटिका के लिए बीज किट वितरित किए गए।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डा. पंकज नौटियाल ने बताया कि पर्वतीय इलाकों में कुपोषण की समस्या बढ़ती जा रही है। इससे निपटने में पोषण वाटिका कारगर साबित हो सकती है। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा की वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. रेनू जेठी ने उत्तराखंड में महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण पर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। बागेश्वर के डा. कमल पांडे पोषण वाटिका के जैविक प्रबंधन और निधि सिंह ने पौष्टिक उत्पादों के बारे में बताया।
इस मौके पर कृषि प्रसार विशेषज्ञ डा. गौरव पपनै, नीरज जोशी, रोहिणी, वरुण सुप्याल, ख्याली राम, रीतिका भास्कर, नेहा डोभाल, शैला बिष्ट, सीता देवी समेत 265 लोग शामिल हुए।
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कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डा. पंकज नौटियाल ने बताया कि पर्वतीय इलाकों में कुपोषण की समस्या बढ़ती जा रही है। इससे निपटने में पोषण वाटिका कारगर साबित हो सकती है। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा की वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. रेनू जेठी ने उत्तराखंड में महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण पर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। बागेश्वर के डा. कमल पांडे पोषण वाटिका के जैविक प्रबंधन और निधि सिंह ने पौष्टिक उत्पादों के बारे में बताया।
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इस मौके पर कृषि प्रसार विशेषज्ञ डा. गौरव पपनै, नीरज जोशी, रोहिणी, वरुण सुप्याल, ख्याली राम, रीतिका भास्कर, नेहा डोभाल, शैला बिष्ट, सीता देवी समेत 265 लोग शामिल हुए।
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