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टूटी सड़कों में दम तोड़ रहे नौनिहालों के सपने
उत्तरकाशी/ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jul 2013 08:19 PM IST
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आपदा ने उत्तराख्ांड के उत्तरकाशी जिले में भारी तबाही तो मचाई ही अब बच्चों के भविष्य पर भी आपदा की मार पड़ती दिख रही है। जिले में सड़क से लगे स्कूल तो खुल गए लेकिन दूर-दराज गांवों के 90 से अधिक स्कूलों पर अभी भी ताले लगे हैं।
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सोमवार को कई स्कूलों में गए बच्चे काफी देर तक गुरुजी का इंतजार करने के बाद बैंरग लौट गए। इनमें से अधिकतर स्कूल इसलिए बंद हैं क्योंकि यहां जाने के सभी रास्ते बंद होने के कारण शिक्षक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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90 से अधिक स्कूल बंद
लंबी छुट्टी के बाद सोमवार को जिले में कुछ स्कूल तो खुल गए, लेकिन 90 से अधिक स्कूल आज भी नहीं खुल पाए। शिक्षकों के न आने पर कई स्कूलों से बच्चों को लौटना पड़ा।
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जिला मुख्यालय स्थित कीर्ति इंटर कॉलेज तथा जीजीआईसी में तो शिक्षक और छात्र-छात्राएं दोनों ही समय से पहुंच गए थे लेकिन वहां चल रहे राहत कैंप के कारण कक्षाएं नहीं सकी और उन्हें भी बैरंग लौटना पड़ा। छात्रों के साथ ही अभिभावकों को भी नौनिहालों के भविष्य की चिंता सता रही है।
टूटी सड़कों ने बढ़ाई ग्रामीणों की परेशानी
यमुनोत्री राजमार्ग के अवरुद्ध होने से गीठ और बजरी पट्टी के दर्जनाें गांवों के ग्रामीणों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ रही है। ग्रामीण बड़कोट आने के लिए 8 से 10 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर रहे हैं। क्षेत्र में रसद का संकट भी गहराया हुआ है।
यमुनोत्री मार्ग जानकारीचट्टी के बाद कई स्थानों पर भूस्खलन तथा भू-धंसाव से बंद पड़ा हुआ है। मार्ग बंद होने से गीठ और बजरी पट्टी के दर्जनों के ग्रामीणों का बड़कोट से संपर्क कट रखा है। ग्रामीण 8 से 10 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर रसद और आवश्यक कार्यों के लिए बड़कोट पहुंच रहे हैं।
खास बात यह कि जिम्मेदार विभाग एनएच ने मार्ग खोलने का जिम्मा मजदूरों पर छोड़ रखा है। मौके पर विभाग का कोई भी अभियंता मौजूद नहीं है। क्षेत्र के सूर्य प्रकाश, प्यारेलाल, रणवीर राणा आदि का कहना है कि मार्ग बंद होने से गांवों में रसद का संकट गहरा रखा है। उन्होंने एनएच से जल्द से जल्द मार्ग पर यातायात बहाल कराने की मांग की है।
क्या कहतें हैं अधिकारी
'स्कूल के 14 कमरों में 216 बाढ़ प्रभावितों ने शरण ले रखी है। सोमवार को छात्राएं तो स्कूल पहुंच गए थे, लेकिन राहत कैंप के चलते उन्हें उपस्थिति लगाकर लौटना पड़ा। प्रशासन को जल्दी ही प्रभावितों को स्कूलों से कहीं और शिफ्ट करना चाहिए,ताकि शिक्षण कार्य शुरू हो सके।'
विजयलक्ष्मी रावत, प्रधानाध्यापिका जीजीआईसी उत्तरकाशी
'सोमवार को जिले के अधिकतर स्कूल खुल गए हैं। भटवाड़ी विकासखंड के लगभग 80 स्कूलों तक पहुंचने की सड़क बंद होने के कारण शिक्षक नहीं पहुंच पा रहे हैं। शिक्षकों को स्कूल तक पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। मोरी में 6, चिन्यालीसौड़, डुंडा में दो स्कूल बंद है। इसके अलावा राहत कैंप वाले नौ स्कूल भी बंद है।'
एसपी सेमवाल, अपर जिला शिक्षा अधिकारी उत्तरकाशी।