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मकर संक्रांति पर देव डोलियों के धार्मिक अनुष्ठान का समय तय
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मकर संक्रांति पर्व पर भैरव चौक स्थित चमाला की चौंरी में देव डोलियों के मिलन व धार्मिक अनुष्ठान को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने रविवार को बाड़ाहाट और बाड़ागड्डी के ग्रामीणों के साथ बैठक की, जिसमें दोनों क्षेत्र के ग्रामीणों की सहमति पर देवताओं के धार्मिक अनुष्ठान के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है।
पिछले साल मकर संक्रांति पर्व पर बाड़ाहाट कू थौलु में भैरव चौक स्थित चमाला की चौंरी पर देव डोलियों के मिलन एवं धार्मिक अनुष्ठान के दौरान विवाद खड़ा हो गया था। चौंरी पर लगा पीपल का पेड़ उखड़ने के बाद यहां बने ऊंचे चबूतरे पर एक क्षेत्र के देवता की डोली को विराजमान किए जाने पर दूसरे क्षेत्र के ग्रामीण भड़क गए थे। विवाद के चलते करीब 24 घंटे तक तनाव की स्थिति बनी रही थी। दोनों क्षेत्र के ग्रामीणों का विवाद पुलिस के त्योहार रजिस्टर में भी दर्ज हुआ। इसे देखते हुए पुलिस ने रविवार को दोनों क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ थाना कोतवाली में बैठक की। एसडीएम देवेंद्र नेगी ने बताया कि बैठक में दोनों क्षेत्र के ग्रामीणों की सहमति पर देवताओं के धार्मिक अनुष्ठान के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है। जिसके अनुसार मकर संक्रांति पर्व पर 14 जनवरी को सुबह दस से दो बजे तक श्री कंडार देवता की डोली और दो बजे से शाम के पांच बजे तक हरि महाराज का ढोल चमाला की चौंरी पर धार्मिक अनुष्ठान के लिए पहुंचेंगे। बताया कि कोरोना के चलते माघ मेला नहीं होने के कारण श्री कंडार देवता की डोली अन्य दिन नहीं पहुंचेगी, लेकिन 16 व 17 जनवरी के धार्मिक आयोजन के लिए ग्रामीणों को जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी। बैठक में थानाध्यक्ष महादेव उनियाल, ग्रामीण शंभू सिंह पंवार, प्रद्युम्न नौटियाल, संदीप सेमवाल, मनोज पंवार, अवतार सिंह पंवार, केएस चौहान आदि मौजूद रहे।
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पिछले साल मकर संक्रांति पर्व पर बाड़ाहाट कू थौलु में भैरव चौक स्थित चमाला की चौंरी पर देव डोलियों के मिलन एवं धार्मिक अनुष्ठान के दौरान विवाद खड़ा हो गया था। चौंरी पर लगा पीपल का पेड़ उखड़ने के बाद यहां बने ऊंचे चबूतरे पर एक क्षेत्र के देवता की डोली को विराजमान किए जाने पर दूसरे क्षेत्र के ग्रामीण भड़क गए थे। विवाद के चलते करीब 24 घंटे तक तनाव की स्थिति बनी रही थी। दोनों क्षेत्र के ग्रामीणों का विवाद पुलिस के त्योहार रजिस्टर में भी दर्ज हुआ। इसे देखते हुए पुलिस ने रविवार को दोनों क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ थाना कोतवाली में बैठक की। एसडीएम देवेंद्र नेगी ने बताया कि बैठक में दोनों क्षेत्र के ग्रामीणों की सहमति पर देवताओं के धार्मिक अनुष्ठान के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है। जिसके अनुसार मकर संक्रांति पर्व पर 14 जनवरी को सुबह दस से दो बजे तक श्री कंडार देवता की डोली और दो बजे से शाम के पांच बजे तक हरि महाराज का ढोल चमाला की चौंरी पर धार्मिक अनुष्ठान के लिए पहुंचेंगे। बताया कि कोरोना के चलते माघ मेला नहीं होने के कारण श्री कंडार देवता की डोली अन्य दिन नहीं पहुंचेगी, लेकिन 16 व 17 जनवरी के धार्मिक आयोजन के लिए ग्रामीणों को जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी। बैठक में थानाध्यक्ष महादेव उनियाल, ग्रामीण शंभू सिंह पंवार, प्रद्युम्न नौटियाल, संदीप सेमवाल, मनोज पंवार, अवतार सिंह पंवार, केएस चौहान आदि मौजूद रहे।
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