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Uttarkashi News: रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती डुंडा में, सेवा दे रहे हरिद्वार
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उत्तरकाशी। स्वास्थ्य विभाग का गजब कारनामा सामने आया है। यहां एक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती पहाड़ में है, लेकिन वह सेवाएं मैदान में दे रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुंडा में तैनात रेडियोलॉजिस्ट की मूल तैनाती पर नहीं होने के चलते गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को दिक्कत हो रही है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुंडा में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. राकेश कुमार ने अपना अटैचमेंट हरिद्वार जनपद में कराया है। दो-तीन माह पूर्व हुए अटैचमेंट से डुंडा में गर्भवती महिलाओं व अन्य मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। डॉ. राकेश की तैनाती पहाड़ में है, लेकिन वह सेवाएं मैदान में दे रहे हैं। उनकी सैलरी भी पहाड़ से निकल रही है। इससे लोगों में रोष है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष अनकपाल बिष्ट, सुभाष बडोनी, ओम प्रकाश भट्ट का कहना है कि पहाड़ के लोगों की तकलीफों को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता है। यही वजह है कि डॉक्टर ने अपना अटैचमेंट मैदान में कराया है और पहाड़ के लोगों को उनकी दशा पर छोड़ दिया है। वहीं रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने पर गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों करीब 14 किमी दूर जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है। यहां भी अल्ट्रासाउंड जांच के लिए भारी भीड़ के चलते खासी दिक्कतें झेलनी पड़ती है।
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रेडियोलॉजिस्ट का अटैचमेंट निदेशालय स्तर से हुआ है। सीएमओ स्तर से तो केवल जनपद स्तर में ही तैनाती की जाती है। गर्भवती महिलाओं और मरीजों की परेशानी को लेकर निदेशालय को पत्र लिखकर अवगत कराया जाएगा।
-डॉ. बीएस रावत, प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी उत्तरकाशी।
डॉ. आरसी आर्य ने पेश की थी नजीर
रेडियोलॉजिस्ट व एसीएमओ डॉ. आरसी आर्य की पदोन्नति प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी पद पर हुई थी, लेकिन जनता की तकलीफ को देखते हुए उन्होंने प्रभारी सीएमओ का पद छोड़ दिया। वर्तमान में वे सीएचसी पुरोला और नौगांव में अल्ट्रासाउंड करते हैं।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुंडा में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. राकेश कुमार ने अपना अटैचमेंट हरिद्वार जनपद में कराया है। दो-तीन माह पूर्व हुए अटैचमेंट से डुंडा में गर्भवती महिलाओं व अन्य मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। डॉ. राकेश की तैनाती पहाड़ में है, लेकिन वह सेवाएं मैदान में दे रहे हैं। उनकी सैलरी भी पहाड़ से निकल रही है। इससे लोगों में रोष है।
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व्यापार मंडल अध्यक्ष अनकपाल बिष्ट, सुभाष बडोनी, ओम प्रकाश भट्ट का कहना है कि पहाड़ के लोगों की तकलीफों को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता है। यही वजह है कि डॉक्टर ने अपना अटैचमेंट मैदान में कराया है और पहाड़ के लोगों को उनकी दशा पर छोड़ दिया है। वहीं रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने पर गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों करीब 14 किमी दूर जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है। यहां भी अल्ट्रासाउंड जांच के लिए भारी भीड़ के चलते खासी दिक्कतें झेलनी पड़ती है।
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रेडियोलॉजिस्ट का अटैचमेंट निदेशालय स्तर से हुआ है। सीएमओ स्तर से तो केवल जनपद स्तर में ही तैनाती की जाती है। गर्भवती महिलाओं और मरीजों की परेशानी को लेकर निदेशालय को पत्र लिखकर अवगत कराया जाएगा।
-डॉ. बीएस रावत, प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी उत्तरकाशी।
डॉ. आरसी आर्य ने पेश की थी नजीर
रेडियोलॉजिस्ट व एसीएमओ डॉ. आरसी आर्य की पदोन्नति प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी पद पर हुई थी, लेकिन जनता की तकलीफ को देखते हुए उन्होंने प्रभारी सीएमओ का पद छोड़ दिया। वर्तमान में वे सीएचसी पुरोला और नौगांव में अल्ट्रासाउंड करते हैं।