फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   Purola Assembly did not vote on the seat four villages

पुरोला विस सीट पर चार गांवों ने नहीं किया मतदान

Wed, 15 Feb 2017 10:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला उत्तरकाशी
ब्यूरो/अमर उजाला उत्तरकाशी Updated Wed, 15 Feb 2017 10:50 PM IST
विज्ञापन

पुरोला विधानसभा में मोरी ब्लॉक के चार गांव के लोगों ने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया। सड़क सुविधा से वंचित लोग शासन-प्रशासन की बेरुखी से कई वर्षों से नाराज चल रहे थे। पूर्व में उन्होंने मांगे पूरी न होने तक मतदान नहीं करने को लेकर जिला मुख्यालय में शिकायती पत्र भी दिया था। इसके बाद जिलाधिकारी डा. आशीष कुुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर वहां वन विभाग व अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर गए थे, लेकिन अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी ग्रामीण नहीं माने।

विज्ञापन


मोरी ब्लॉक में ओसला, गंगाड़, ढ़ाटमीर और पुवाणी गांव गोविंद वन्य जीव विहार राष्ट्रीय पार्क के अंदर आते हैं। राष्ट्रीय धरोहर होने के कारण यहां किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य के लिए भारत सरकार की अनुमति जरूरी है। मोरी ब्लॉक में सांकरी तक तो कुछ हद तक सड़क ठीक-ठाक है, लेकिन इसके आगे करीब 11 किमी का सफर तालुका तक किसी गांव के संपर्क मार्ग से कम नहीं है, लेकिन इसके बाद ओसला, गंगाड़, ढ़ाटमीर और पुवाणी गांव जाने के लिए पैदल दूरी नापनी पड़ती है।
विज्ञापन


हरकीदून जाने वाले इस रास्ते में अंतिम गांव ओसला है, जहां तक पहुंचने के लिए तालुका से करीब 14 किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ती है। जहां रास्ते में बेहद खराब पगडंडियां हैं। कई बार बरसात में रास्ता क्षतिग्रस्त हो जाने से यहां दुर्घटना का भी डर रहता है। शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं के भी हाल अच्छे नहीं हैं। एक मात्र आयुर्वेदिक अस्पताल तालुका क्षेत्र में है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां भी चिकित्सक नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पुरोला रुख करना पड़ता है। क्षेत्र में कुछ प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, लेकिन वहां भी शिक्षकों की कमी है। इन चार गांव में 1429 मतदाता हैं। जिलाधिकारी डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि गांव के लोगों ने सड़क निर्माण की मांग है, लेकिन ये सभी चार गांव गोविंद वन्य जीव विहार राष्ट्रीय पार्क के अंदर आते हैं। जहां निर्माण कार्य नहीं हो सकता है। ग्रामीणों को समझाने के लिए भेजा था, लेकिन ग्रामीण नहीं माने।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed