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बाइपास सड़क बनाने के लिए किए जा रहे सर्वे का विरोध
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ऑलवेदर चारधाम संघर्ष समिति ने बीआरओ की ओर से बाईपास बनाने के लिए किए जा रहे सर्वे का विरोध किया है। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि गंगोत्री हाईवे के चौड़ीकरण के बजाय बाईपास प्रस्तावित किया गया है। बाईपास बनने से स्थानीय लोगों की आजीविका प्रभावित होने के साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान होगा।
शुक्रवार को ऑलवेदर चारधाम संघर्ष समिति ने बैठक कर समस्याओं पर चर्चा की। समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा ने कहा कि उत्तरकाशी में बड़ेथी चुंगी से गंगोत्री तक डबल लेन सड़क के लिए चौड़ीकरण कार्य किया जाना है, लेकिन बीआरओ तेखला पुल से हीना तक चौड़ीकरण के बजाय भागीरथी के दूसरे छोर पर स्यूना, सिरोर, हीना तक बाईपास बनाने जा रहा है, जिसके लिए सर्वे किया जा रहा है। जबकि संघर्ष समिति वर्तमान में तेखला पुल से गंगोरी, गणेशपुर, नेताला व हीना तक हाईवे को यथावत रखते हुए चौड़ीकरण की मांग कर रही है। कहा कि किसी भी बाईपास को बनाने से पहले प्रभावित क्षेत्र में जनसुनवाई की जानी चाहिए। समिति ने जनसुनवाई के बिना बाईपास बनाए जाने के लिए किए जा रहे सर्वे को गलत बताया। समिति के अध्यक्ष मटूड़ा ने कहा कि यदि वर्तमान सड़क को ही तेखला से गंगोरी, गणेशपुर, नेताला व हीना तक चौड़ीकरण नहीं किया जाएगा तो समिति सुप्रीम कोर्ट जाएगी। इस दौरान हाईपावर कमेटी के सदस्य व पर्यावरण चिंतक हेमंत ध्यानी ने कहा कि गंगोत्री क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण कार्य को बेहद संतुलित तरीके से करने की जरूरत है, जिससे कम से कम पेड़ों को नुकसान पहुंचे। कहा कि ईको सेंसिटिव जोन में होने के चलते यहां भूगर्भीय गतिविधियां होती रहती हैं। ऐसे में नई सड़क की जगह पुरानी सड़कों को ही चौड़ा किया जाना चाहिए। बैठक में पंडित अशोक सेमवाल, राजेंद्र पंवार, बिंदेश कुड़ियाल, अजय पुरी, विशेष जगूड़ी, विमल राणा, दीपेंद्र पंवार, धीरज सेमवाल, महावीर राणा, विमलकांत आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को ऑलवेदर चारधाम संघर्ष समिति ने बैठक कर समस्याओं पर चर्चा की। समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा ने कहा कि उत्तरकाशी में बड़ेथी चुंगी से गंगोत्री तक डबल लेन सड़क के लिए चौड़ीकरण कार्य किया जाना है, लेकिन बीआरओ तेखला पुल से हीना तक चौड़ीकरण के बजाय भागीरथी के दूसरे छोर पर स्यूना, सिरोर, हीना तक बाईपास बनाने जा रहा है, जिसके लिए सर्वे किया जा रहा है। जबकि संघर्ष समिति वर्तमान में तेखला पुल से गंगोरी, गणेशपुर, नेताला व हीना तक हाईवे को यथावत रखते हुए चौड़ीकरण की मांग कर रही है। कहा कि किसी भी बाईपास को बनाने से पहले प्रभावित क्षेत्र में जनसुनवाई की जानी चाहिए। समिति ने जनसुनवाई के बिना बाईपास बनाए जाने के लिए किए जा रहे सर्वे को गलत बताया। समिति के अध्यक्ष मटूड़ा ने कहा कि यदि वर्तमान सड़क को ही तेखला से गंगोरी, गणेशपुर, नेताला व हीना तक चौड़ीकरण नहीं किया जाएगा तो समिति सुप्रीम कोर्ट जाएगी। इस दौरान हाईपावर कमेटी के सदस्य व पर्यावरण चिंतक हेमंत ध्यानी ने कहा कि गंगोत्री क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण कार्य को बेहद संतुलित तरीके से करने की जरूरत है, जिससे कम से कम पेड़ों को नुकसान पहुंचे। कहा कि ईको सेंसिटिव जोन में होने के चलते यहां भूगर्भीय गतिविधियां होती रहती हैं। ऐसे में नई सड़क की जगह पुरानी सड़कों को ही चौड़ा किया जाना चाहिए। बैठक में पंडित अशोक सेमवाल, राजेंद्र पंवार, बिंदेश कुड़ियाल, अजय पुरी, विशेष जगूड़ी, विमल राणा, दीपेंद्र पंवार, धीरज सेमवाल, महावीर राणा, विमलकांत आदि मौजूद रहे।
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