फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   one cr spent, work incomplete

एक करोड़ खर्च, काम आधा-अधूरा

Sat, 27 Feb 2016 10:11 PM IST
पुरोला (उत्तरकाशी)।
पुरोला (उत्तरकाशी)। Updated Sat, 27 Feb 2016 10:11 PM IST
विज्ञापन
मोरी ब्लाक के ओसला गांव में निर्माणाधीन चिलूड़गाड परियोजना वर्ष 2007 में स्वीकृत हुई। 1.60 करोड़ रुपये लागत से स्वीकृत 100 किलोवाट की परियोजना पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य आधा-अधूरा ही हो पाया है।
विज्ञापन

मोरी ब्लाक में सड़क मार्ग से 10 से 14 किमी पैदल दूरी वाले गंगाड़, पवांणी और ओसला गांव में बिजली नहीं है। इन गांवों के कुछ घरों में तो सोलर लालटेन हैं, जबकि अधिकांश लोग छिल्लों की रोशनी में रात काटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों की दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने वर्ष 2007 में यहां 100 किलोवाट की चिलूड़गाड लघु जल विद्युत परियोजना स्वीकृत की। 1.60 करोड़ रुपये लागत की परियोजना के सिविल कार्यों का जिम्मा अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) ने इन गांवों के बीच एक समिति बनाकर उसे सौंपी।
विज्ञापन

नौ साल बाद स्थिति यह है कि मौके पर पावर हाउस का आधा-अधूरा भवन और पावर चैनल बन पाई है। इसके भीतर टरबाइनें लगाने का बेस तक तैयार नहीं हुआ है। पेनस्टोक के पाइप निर्माण स्थल से आठ किमी पीछे ढाटमीर के पास और मशीनें आखिरी सड़क पड़ाव तालुका तक पहुंची हैं। बिजली के खंभे गाड़ कर इन पर तार जरूर बिछा दी गई हैं। इन्हीं कामों पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बगैर बिजली के ओसला, पवाणी एवं गंगाड़ के ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चिलूड़गाड बिजली परियोजना पर उम्मीदें टिकी थी, लेकिन धरातल पर देखकर लगता नहीं कि अगले दो-तीन साल में भी यह तैयार हो पाएगी। सरकार शीघ्र परियोजना को तैयार कर इन गांवों को बिजली मुहैया कराने के इंतजाम करे।

वरदान सिंह राणा, पूर्व प्रधान ओसला।


मैंने वर्ष 2014 में ही कार्यभार ग्रहण किया है। पूर्व में हुए कार्यों के बारे में मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। समिति के ऑडिट आदि औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण अवशेष भुगतान नहीं हो पा रहा है। परियोजना पर समिति के बजाय सीधे विभाग से ही काम कराने का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा है।
मनोज कुमार, परियोजना अधिकारी उरेडा उत्तरकाशी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed