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Uttarkashi News: गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में बढ़ी श्रद्धालुओं की तादाद
Mon, 26 Oct 2026 06:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 26 Oct 2026 06:54 PM IST
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फोटो सहित
दोनों धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में फिर आई तेजी
संवाद न्यूज एजेंसी
उत्तरकाशी/बड़कोट। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने में अब कुछ दिन ही शेष हैं। इससे पहले दोनों धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में फिर तेजी आने लगी है। चारधाम यात्रा के अंतिम चरण में पिछले एक सप्ताह से प्रतिदिन पांच से आठ हजार यात्री दोनों धाम पहुंच रहे हैं। गत दिवस भी करीब 12 हजार श्रद्धालुओं ने मां गंगा और यमुना के दर्शन किए।
यात्रा अब अंतिम चरण में है और यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। धामों में रौनक लौटने के साथ होटल, ढाबा संचालकों और घोड़ा-खच्चर व्यवसायियों को भी राहत मिली है। ब्रह्मखाल के समीप स्थित शिव गुफा में भी प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रा कारोबार से जुड़े व्यवसायियों को सीजन के अंतिम दिनों में बेहतर कारोबार की उम्मीद है। यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुनील उनियाल और प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि यमुनोत्री धाम के कपाट 11 नवंबर को भैयादूज पर्व पर बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद श्रद्धालु खरसाली स्थित यमुना मंदिर में मां के दर्शन कर सकेंगे। वहीं गंगोत्री धाम के कपाट 10 नवंबर को अन्नकूट पर्व पर दोपहर 12 बजकर पांच मिनट पर शीतकाल के लिए बंद होंगे। कपाट बंद होने से पहले बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या से यात्रा कारोबार को संबल मिल रहा है।
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दोनों धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में फिर आई तेजी
संवाद न्यूज एजेंसी
उत्तरकाशी/बड़कोट। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने में अब कुछ दिन ही शेष हैं। इससे पहले दोनों धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में फिर तेजी आने लगी है। चारधाम यात्रा के अंतिम चरण में पिछले एक सप्ताह से प्रतिदिन पांच से आठ हजार यात्री दोनों धाम पहुंच रहे हैं। गत दिवस भी करीब 12 हजार श्रद्धालुओं ने मां गंगा और यमुना के दर्शन किए।
यात्रा अब अंतिम चरण में है और यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। धामों में रौनक लौटने के साथ होटल, ढाबा संचालकों और घोड़ा-खच्चर व्यवसायियों को भी राहत मिली है। ब्रह्मखाल के समीप स्थित शिव गुफा में भी प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रा कारोबार से जुड़े व्यवसायियों को सीजन के अंतिम दिनों में बेहतर कारोबार की उम्मीद है। यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुनील उनियाल और प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि यमुनोत्री धाम के कपाट 11 नवंबर को भैयादूज पर्व पर बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद श्रद्धालु खरसाली स्थित यमुना मंदिर में मां के दर्शन कर सकेंगे। वहीं गंगोत्री धाम के कपाट 10 नवंबर को अन्नकूट पर्व पर दोपहर 12 बजकर पांच मिनट पर शीतकाल के लिए बंद होंगे। कपाट बंद होने से पहले बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या से यात्रा कारोबार को संबल मिल रहा है।
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