फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   Nim has stood the mountain of achievements

निम ने खड़ा किया उपलब्धियों का पहाड़

Fri, 13 Nov 2015 10:13 PM IST
उत्तरकाश्ाी
उत्तरकाश्ाी Updated Fri, 13 Nov 2015 10:13 PM IST
विज्ञापन

नेहरू पर्वतारोहण संस्थान आज पचास साल का हो गया। निम प्रशासन ने आगामी पूरे साल को गोल्डन जुबली वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है, जिसका शुभारंभ 14 नवंबर शनिवार को किया जाएगा। तभी आगामी कार्यक्रम घोषित किए जाएंगे।

विज्ञापन


वर्ष 1965 में उत्तरकाशी में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की स्थापना की गई थी। आजकल केदारनाथ पुनर्निर्माण एवं यात्रा के सफल संचालन के लिए सुर्खियों में चल रहे निम ने इन पचास सालों में उपलब्धियों का पहाड़ खड़ा किया है।
विज्ञापन


इन पचास सालों में निम में चलाए जा रहे एडवेंचर, बेसिक, एडवांस, सर्च एंड रेस्क्यू, मैथड ऑफ इंस्ट्रक्शन तथा स्पेशल कोर्स से 27 हजार से अधिक प्रशिक्षु पर्वतारोहण, स्कीइंग, राफ्टिंग आदि साहसिक गतिविधियों के गुर सीख चुके हैं। इसमें विश्व के विभिन्न देशों के करीब पांच हजार से ज्यादा प्रशिक्षु भी शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्राकृतिक आपदाओं के दौरान निम की विशेषज्ञता को देखते हुए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं पुलिस के जवानों को भी निम में आपदा प्रबंधन तथा खोज एवं बचाव के गुर सिखाए जा रहे हैं। निम की टीम एवरेस्ट समेत तीन दर्जन से अधिक हिमशिखरों पर तिरंगा लहरा चुकी है।


निम से निकले हैं कई प्रख्यात पर्वतारोही
निम से प्रशिक्षण पाए लोगों ने भी पर्वतारोहण के क्षेत्र में देश-दुनिया में खूब नाम कमाया है। प्रथम भारतीय महिला एवरेस्टर सुश्री बछेंद्री पाल के साथ ही सुश्री चंद्रप्रभा ऐतवाल, संतोष यादव, डा. हर्षवंती बिष्ट, कृष्णा पाटिल, ताशी-नुंग्शी, अरुणिमा सिन्हा, अर्जुन वाजपेई आदि ख्यातिप्राप्त पर्वतारोहियों ने निम से ही पर्वतारोहण का ककहरा सीखा।


एवरेस्ट पर सफल आरोहण कर चुके कुशाल राणा, दशरथ रावत, विनोद गुसाईं, सूबेदार मेज तेजपाल, सूबेदार कुंवर सिंह आदि निम में प्रशिक्षक के तौर पर कार्यरत हैं।


पर्वतारोहण प्रशिक्षण के विश्व स्तरीय मानकों के चलते निम का देश-दुनिया में अलग स्थान है। इस वर्ष को गोल्डन जुबली वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। पर्वतारोहण प्रशिक्षण के अलावा हमें आपदा के दौरान यात्रियों को सुरक्षित निकालने, केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण, नंदा देवी राजजात आयोजन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई, जिसे हमने सफलता के साथ पूरा किया। - कर्नल अजय कोठियाल, प्रधानाचार्य निम उत्तरकाशी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed