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मीलों पैदल चलते हैं स्यालना के ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला उत्तरकाशी
Updated Sun, 15 Jan 2017 10:44 PM IST
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नौगांव के स्यालना गांव में आजादी के दशकों बाद भी सड़क नहीं पहुंची है। गांव के लोग आज भी मीलों पैदल चलकर बाजार पहुंचते हैं। सरकार भले ही हर गांव को सड़क से जोड़ने बात करती हो, लेकिन स्यालना गांव की तस्वीर एक स्याह हकीकत बयां करती है।
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यमुनोत्री हाईवे से लगे स्यालनागांव के प्रधान कस्तूरी देवी, जगमोहन सिंह, प्रेम सिंह, प्रमोद, चतर सिंह, एकल सिंह आदि का कहना है कि सड़क सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को अपना उत्पादन सड़क मंडी तक पहुंचाने में काफी नुकसान उठाना पड़ता है। पैदल चलने में सबसे ज्यादा बुजुर्गों व गर्भवती महिलाओं को होती है।
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लोगों ने सड़क सुविधा के अभाव में अपने खेत छोड़कर अन्य जगहों पर पलायन को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि कई बार सड़क सुविधा नहीं होने पर नाराज ग्रामीणों ने वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया था। वर्ष 2002 में खरादी से स्यालना के लिए मोटर मार्ग का सर्वे किया गया, लेकिन आज तक सड़क का कोई अतापता नहीं है।
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ग्रामीणों की कड़ी नाराजगी को देखते हुए एसडीएम जयवर्द्धन शर्मा ने सोमवार को ग्रामीणों व पीएमजीएसवाई अभियंता को बड़कोट बुलवाया और सड़क को लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने आश्वस्त किया है गांव में सड़क जरूर पहुंचेगी।