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Uttarkashi News: दूषित पानी पीने को स्थानीय लोग और यात्री मजबूर
Thu, 22 May 2025 05:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 22 May 2025 05:27 PM IST
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जल संस्थान की ओर से पानी को फिल्टर करने व टैंकों की स्वच्छता पर उठाया है सवाल
बड़कोट। नगर में बीते बुधवार से लोगों को दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। जल संस्थान की ओर से पानी को फिल्टर करने और टैंकों की स्वच्छता पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि अभी बरसात शुरू भी नहीं हुई है। अगर यही स्थिति रही तो मानसून में दूषित पानी का प्रयोग करना पड़ेगा।
व्यापार मंडल के सुरेंद्र सिंह रावत, सोहन गैरोला, राजेश उनियाल ने बताया कि बीते बुधवार को क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई। इसने जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के बाद से लगातार नलों में दूषित पानी आ रहा है। वह पीने लायक नहीं है, क्योंकि उससे बीमारी का खतरा बना हुआ है।
कहा कि एक ओर विभाग दावे करता है कि स्रोत के बाद टैकों में फिल्टर पानी की आपूर्ति की जाती है। वहीं उसके बाद ही उसे नगर क्षेत्र की पाइप लाइनों में भेजा जाता है, लेकिन बुधवार शाम से दूषित पानी के कारण स्थानीय लोगों के साथ यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों चारधाम में हजारों यात्री पहुंच रहे हैं और जल संस्थान की लापरवाही के कारण वह भी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। नगरवासियों का कहना है कि अभी मानसून सीजन शुरू भी नहीं है। अगर ऐसी ही स्थिति रही तो जल संस्थान की लापरवाही के कारण बरसात में लोगों को गंदा पानी पीना पड़ेगा और यह उनके स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ होगा।
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जल संस्थान के अधिशासी अभियंता देवराज तोमर का कहना है कि स्रोत पर मलबा आने से कई स्थानों पर दूषित पानी आया है। उसे ठीक करवाया जा रहा है।
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बड़कोट। नगर में बीते बुधवार से लोगों को दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। जल संस्थान की ओर से पानी को फिल्टर करने और टैंकों की स्वच्छता पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि अभी बरसात शुरू भी नहीं हुई है। अगर यही स्थिति रही तो मानसून में दूषित पानी का प्रयोग करना पड़ेगा।
व्यापार मंडल के सुरेंद्र सिंह रावत, सोहन गैरोला, राजेश उनियाल ने बताया कि बीते बुधवार को क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई। इसने जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के बाद से लगातार नलों में दूषित पानी आ रहा है। वह पीने लायक नहीं है, क्योंकि उससे बीमारी का खतरा बना हुआ है।
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कहा कि एक ओर विभाग दावे करता है कि स्रोत के बाद टैकों में फिल्टर पानी की आपूर्ति की जाती है। वहीं उसके बाद ही उसे नगर क्षेत्र की पाइप लाइनों में भेजा जाता है, लेकिन बुधवार शाम से दूषित पानी के कारण स्थानीय लोगों के साथ यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों चारधाम में हजारों यात्री पहुंच रहे हैं और जल संस्थान की लापरवाही के कारण वह भी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। नगरवासियों का कहना है कि अभी मानसून सीजन शुरू भी नहीं है। अगर ऐसी ही स्थिति रही तो जल संस्थान की लापरवाही के कारण बरसात में लोगों को गंदा पानी पीना पड़ेगा और यह उनके स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ होगा।
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जल संस्थान के अधिशासी अभियंता देवराज तोमर का कहना है कि स्रोत पर मलबा आने से कई स्थानों पर दूषित पानी आया है। उसे ठीक करवाया जा रहा है।