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Uttarkashi News: धराली आपदा और गरतांग गली के इतिहास की जानकारी ली
Fri, 03 Apr 2026 07:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Fri, 03 Apr 2026 07:37 PM IST
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उत्तरकाशी। देहरादून के दून स्कूल के छात्र-छात्राओं ने अपने शैक्षणिक भ्रमण के तहत आपदा प्रभावित धराली सहित गंगोत्री धाम पहुंचे। वहां पर उन्होंने धराली में आई आपदा की जानकारी ली। साथ ही वहां पर स्थानीय लोगों से बात कर आपदा के बाद आ रही कठनाईयों के बारे में भी जाना। साथ ही उन्होंने भैरो और नेलांग घाटी के बीच में खड़ी चट्टान पर बनी गरतांग गली की सीढि़यों के रोमांच और उसके इतिहास की जानकारी भी ली।
गढ़वाल ट्रेकिंग वेब के संचालक मान सिंह पंवार ने बताया कि दून स्कूल के 22 छात्र-छात्राओं ने अपने शैक्षणिक भ्रमण के दौरान हर्षिल, गंगोत्री सहित अस्सी गंगा घाटी और डोडीताल का भ्रमण किया। इस दौरान इन छात्र-छात्राओं और इनके साथ आए दो शिक्षकों ने पहाड़ी की जीवनशैली के बारे में करीब से जाना। साथ ही पहाड़ के गांव में बने लकड़ी, मिट्टी पत्थर से बने पंचपुरा भवनों की जानकारी भी ली। इन्हें बताया गया कि यह भवन भूकंपरोधी तकनीक के साथ बनाए गए थे। इसलिए यह कई वर्षों से आज भी खड़े हैं। बच्चों ने गंगोत्री धाम सहित गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा का भ्रमण भी किया। हर्षिल-मुखबा में उन्होंने फेडि्रक विल्सन और उनकी ओर से शुरू की गई सेब की खेती के बारे में भी जानकारी ली। साथ ही धराली गांव में आपदा के हालातों से वह करीबी से रूबरू हुए।
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गढ़वाल ट्रेकिंग वेब के संचालक मान सिंह पंवार ने बताया कि दून स्कूल के 22 छात्र-छात्राओं ने अपने शैक्षणिक भ्रमण के दौरान हर्षिल, गंगोत्री सहित अस्सी गंगा घाटी और डोडीताल का भ्रमण किया। इस दौरान इन छात्र-छात्राओं और इनके साथ आए दो शिक्षकों ने पहाड़ी की जीवनशैली के बारे में करीब से जाना। साथ ही पहाड़ के गांव में बने लकड़ी, मिट्टी पत्थर से बने पंचपुरा भवनों की जानकारी भी ली। इन्हें बताया गया कि यह भवन भूकंपरोधी तकनीक के साथ बनाए गए थे। इसलिए यह कई वर्षों से आज भी खड़े हैं। बच्चों ने गंगोत्री धाम सहित गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा का भ्रमण भी किया। हर्षिल-मुखबा में उन्होंने फेडि्रक विल्सन और उनकी ओर से शुरू की गई सेब की खेती के बारे में भी जानकारी ली। साथ ही धराली गांव में आपदा के हालातों से वह करीबी से रूबरू हुए।
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