फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   Kharif crops damaged due to low rainfall

कम बारिश होने से खरीफ की फसलों को नुकसान

Thu, 24 Sep 2020 10:39 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2020 10:39 PM IST
विज्ञापन
Kharif crops damaged due to low rainfall
इस बार मानसून सीजन में बेहद कम बारिश होने से जिले में खरीफ की धान और दलहनी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सिर्फ फसलें ही नहीं ग्रामीणों के समक्ष मवेशियों के लिए चारे की समस्या भी खड़ी हो गई है। फसलें बर्बाद होने से मायूस किसानों ने सरकार से सूखे से हुई क्षति का आकलन कर क्षतिपूर्ति की मांग की।
विज्ञापन

जिले में इस बार मानसून सीजन में बीते सालों में मुकाबले बहुत कम बारिश हुई, जिससे खरीफ की फसलों को भारी नुकसान हुआ। असिंचित खेतों में लगाई गई धान की फसल पर बालियां भी नहीं आईं। अब कटाई के सीजन में किसान सिर्फ पराली के लिए ही यह फसल काट रहे हैं। इसके अलावा मंडुआ, झंगोरा एवं चौलाई के साथ ही राजमा, गहत, उड़द, तोर आदि दलहनी फसलें भी बारिश के अभाव में बर्बाद हो गई हैं। कम बारिश से जंगलों में घास भी नहीं हुई। रवाईं घाटी के दयाचंद रमोला, चैन लाल, नरेश आदि किसानों ने बताया कि इस समय ग्रामीण खेतों के आसपास एवं जंगलों से घास काटकर अपने मवेशियों के लिए चारा पत्ती जुटाते थे, जो सर्दियों में काम आती थी, लेकिन इस बार चारा पत्ती भी नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन

खरीफ सीजन में हुई महज 135 मिमी बारिश
चिन्यालीसौड़। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डा. पंकज नौटियाल ने बताया कि धान के लिए 800 से 1000 मिमी, दलहनी फसलों के लिए 500-750 मिमी और मोटे अनाजों के लिए 350-500 मिमी बारिश की आवश्यकता होती है। जबकि इस बार खरीफ सीजन में महज 135 मिमी बारिश ही हुई है, जिससे फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने सूखाग्रस्त क्षेत्रों में जल संचयन टैंक, पूरक सिंचाई, सूक्ष्म सिंचाई आदि प्रणाली अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परती भूमि में ऊंची क्यारियां बनाकर काफी हद तक सूखे से निपटा जा सकता है। साथ ही किसानों को कम पानी की जरूरत वाली फसलें अपने खेतों में लगानी चाहिए। उन्होंने फसल काटने के बाद अवशेषों को खेतों में नहीं जलाने की अपील की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed