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पाठ्यक्रम में शामिल हो गढ़वाली-कुमाऊंनी
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Sun, 06 Dec 2015 10:14 PM IST
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लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि हमारे लोग तरक्की बहुत कर रहे है, लेकिन इस दौड़ में वे अपनी भाषा तथा संस्कृति को पीछे छोड़ रहे हैं।
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रविवार को पालिका सभागार में आयोजित लोकरंग साहित्य उत्सव के मौके पर लोक भाषा पर व्याख्यान देते हुए लोक कवि नेगी ने कहा कि अन्य प्रांतों के लोग अपनी बोली, भाषा तथा संस्कृति के साथ तरक्की कर रहे हैं।
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सरकार को स्कूली शिक्षा में गढ़वाली और कुमाऊंनी को शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री हरीश रावत से बात की।
उन्होंने गढ़वाली और कुमाऊंनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने तथा लोक भाषा के संरक्षण के लिए एकेडमी बनाने का आश्वासन दिया।
इस मौके पर जिले के प्रसिद्ध संस्कृति कर्मी स्व. पांतीराम नौटियाल को याद कर उन्हें मरणोपरांत लोक रंग समान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पत्र नेगी द्वारा उनकी पत्नी सुशीला नौटियाल को दिया गया।
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कार्यक्रम में ओम प्रकाश सेमवाल, गणेश कुकसाल (गणी), जगदंबा चमोला, ओम प्रकाश बाधानी, गजेंद्र नौटियाल, पालिका अध्यक्ष जयेंद्री राणा, मुख्य विकास अधिकारी जीएस रावत मौजूद थे। संचालन प्रमोद पैन्यूली ने किया।