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यात्रा की आड़ में हो रही फिजूलखर्ची
ब्यूरो/अमर उजाला उत्तरकाशी
Updated Wed, 20 Apr 2016 09:35 PM IST
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चार धाम यात्रा की आड़ में यमुनोत्री राजमार्ग के विभिन्न हिस्सों में करोड़ों रुपये ठिकाने लगाया जा रहा है, जबकि इन्हीं हिस्सों में चौड़ीकरण, सुरंग एवं मानक के अनुसार हाईवे तैयार करने की योजनाएं प्रस्तावित है। ऐसे में दीर्घकालिक योजनाओं पर ध्यान देने के बजाय अल्प समय के लिए हो रहे कार्यों पर करोड़ों का बजट खर्च करने पर सवाल उठ रहे हैं।
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फूलचट्टी से जानकीचट्टी तक तीन किमी हिस्से में एडीबी लोनिवि की ओर से आठ करोड़ रुपये लागत से सीसी सड़क बनाई जा रही है, जबकि इस सड़क को जल्द ही राजमार्ग निर्माण खंड को हस्तांतरित किया जाना है।
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इस हिस्से को हाईवे के मानकों के अनुसार तैयार करने के लिए एनएच ने करोड़ों की डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी है। इसी तरह सरूखेत से बड़कोट तक तीन किमी और दोबाटा से राड़ी टॉप तक 18 किमी हिस्से में भी 13 करोड़ रुपये लागत से डामरीकरण और सड़क किनारे सुरक्षा दीवारों का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि इन हिस्सों में जल्द ही सड़क चौड़ीकरण तथा पोलगांव से सिल्क्यारा के बीच सुरंग का निर्माण प्रस्तावित है।
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यहां अधिकांश जगहों पर पुरानी दीवारों को ही तोड़कर नई दीवारें बनाई जा रही हैं, जिन्हें सड़क चौड़ीकरण के दौरान फिर ढहाया जाना तय है। इन कार्यों पर तो विभाग करोड़ों खर्च कर रहे हैं, लेकिन दोबाटा से खरादी के बीच आधे-अधूरे कार्यों को पूरा कराने और हाईवे के किनारे जगह-जगह जमा मलबा एवं पत्थरों के ढेर हटाने की जहमत नहीं उठा रहे हैं।
फिजूलखर्ची की होनी चाहिए जांच
मोहन पंवार, विशालमणि रतूड़ी, विरेंद्र सिंह, सोहन सिंह, प्यारेलाल, मनोज कुमार आदि ने चार धाम यात्रा की आड़ में हो रही फिजूल खर्ची की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जब जल्द ही इन हिस्सों में नए सिरे से कार्य होने हैं, तो फिर कम समय के लिए कराए जा रहे कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किया जाना सरकारी धन का दुरुपयोग है।
हाईवे के किनारे पुरानी दीवारों को तोड़कर नई दीवारें बनाने की शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। हाईवे के किनारे जमा मलबा शीघ्र हटवाकर अधूरे कार्य पूरे कराए जाएंगे। सुरंग और चौड़ीकरण का प्रस्ताव अभी भारत सरकार के पास लंबित है। फूलचट्टी वाले हिस्से को एनएच के मानकों के आधार पर बनाने की डीपीआर तैयार कर ली गई है।
नवनीत पांडेय, ईई, राजमार्ग निर्माण खंड बड़कोट।