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हथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पादों को मिलेगा बाजार
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सिक्योर हिमालय परियोजना के तहत आयोजित ग्राहक विक्रेता मीट में तीन कंपनियों ने स्थानीय बुनकरों एवं हस्त शिल्पियों के साथ अनुबंध किया। अब बुढेरा हिमालयन क्राफ्ट के हथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पादों को देश के अन्य हिस्सों में भी बाजार उपलब्ध होगा।
हिम तेंदुए के संरक्षण के लिए चलाई जा रही सिक्योर हिमालय परियोजना के तहत स्थानीय लोगों की आजीविका मजबूत करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सेल्फ हेल्प संस्था के माध्यम से उत्तरकाशी में दो दिवसीय ग्राहक विक्रेता मीट का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय बुनकरों एवं हस्त शिल्पियों में स्टाल लगाकर अपने उत्पाद प्रदर्शित किए। बाहरी क्षेत्रों से आए विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने इन स्टालों से दो लाख रुपये से अधिक के उत्पाद खरीदे। सिक्योर हिमालय की ओर से गंगोत्री नेशनल पार्क से लगे क्षेत्र में निवास करने वाले बुढेरा समुदाय के बुनकरों और हस्तशिल्पियों द्वारा तैयार उत्पादों को बुढेरा हिमालयन क्राफ्ट के नाम से बाजार में लांच किया गया है। इससे स्थानीय उत्पादों को अपनी पहचान मिली है। मीट का आयोजन करने वाले सेल्फ हेल्प संस्था के सचिव नवीन आनंद ने बताया कि ट्राइफेड डिजाइन, नैनी इंटरनेशनल एवं कुमाऊं वूलन ने स्थानीय बुनकर एवं शिल्पियों के साथ अनुबंध किया है, जिसके तहत यह कंपनियां बुढेरा हिमालयन क्राफ्ट की खरीद कर इसे देश दुनिया तक पहुंचाएंगी। मौके पर मौजूद जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक उत्तम कुमार तिवारी ने कहा कि इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा। और स्थानीय बुनकर एवं शिल्पियों को फायदा होगा। इस मौके पर वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन प्रो.कृष्ण कुलकर्णी, डीएफओ दीपचंद आर्य, सिक्योर हिमालय की राज्य परियोजना अधिकारी अपर्णा पांडेय, सलाहकार मनोज रावत आदि अनेक लोग मौजूद रहे।
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हिम तेंदुए के संरक्षण के लिए चलाई जा रही सिक्योर हिमालय परियोजना के तहत स्थानीय लोगों की आजीविका मजबूत करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सेल्फ हेल्प संस्था के माध्यम से उत्तरकाशी में दो दिवसीय ग्राहक विक्रेता मीट का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय बुनकरों एवं हस्त शिल्पियों में स्टाल लगाकर अपने उत्पाद प्रदर्शित किए। बाहरी क्षेत्रों से आए विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने इन स्टालों से दो लाख रुपये से अधिक के उत्पाद खरीदे। सिक्योर हिमालय की ओर से गंगोत्री नेशनल पार्क से लगे क्षेत्र में निवास करने वाले बुढेरा समुदाय के बुनकरों और हस्तशिल्पियों द्वारा तैयार उत्पादों को बुढेरा हिमालयन क्राफ्ट के नाम से बाजार में लांच किया गया है। इससे स्थानीय उत्पादों को अपनी पहचान मिली है। मीट का आयोजन करने वाले सेल्फ हेल्प संस्था के सचिव नवीन आनंद ने बताया कि ट्राइफेड डिजाइन, नैनी इंटरनेशनल एवं कुमाऊं वूलन ने स्थानीय बुनकर एवं शिल्पियों के साथ अनुबंध किया है, जिसके तहत यह कंपनियां बुढेरा हिमालयन क्राफ्ट की खरीद कर इसे देश दुनिया तक पहुंचाएंगी। मौके पर मौजूद जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक उत्तम कुमार तिवारी ने कहा कि इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा। और स्थानीय बुनकर एवं शिल्पियों को फायदा होगा। इस मौके पर वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन प्रो.कृष्ण कुलकर्णी, डीएफओ दीपचंद आर्य, सिक्योर हिमालय की राज्य परियोजना अधिकारी अपर्णा पांडेय, सलाहकार मनोज रावत आदि अनेक लोग मौजूद रहे।
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