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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   Forcible abortion doctor on ten years imprisonment

जबरन गर्भपात कराने पर डाक्टर को दस साल की कैद

Mon, 14 Dec 2015 09:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी Updated Mon, 14 Dec 2015 09:53 PM IST
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विशेष सत्र न्यायालय ने जबरन गर्भपात कराने वाली डाक्टर को दस साल और शादी का झांसा देकर छात्रा से दुराचार के आरोपी युवक को 11 साल के कठोर कारावास और 16 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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पुरोला पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार पुरोला थाना क्षेत्र में वर्ष 2012 में प्रदीप रावत, निवासी नौगांव ने एक छात्रा को शादी का झांसा देकर करीब दो साल तक उसके साथ दुराचार किया।
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जब छात्रा गर्भवती हुई तो आरोपी युवक ने उसे जाति विशेष का बताकर शादी से इनकार कर दिया और नौ अगस्त 2014 को जबरन नौगांव बाजार में भारद्वाज इलेक्ट्रो होम्योपैथिक क्लीनिक की संचालक डा. निशा वर्मा की सहायता से उसका गर्भपात करवा दिया। पीड़िता के परिजनों ने मामले में पुरोला थाने में मुकदमा दर्ज करवाया।
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जिला सत्र न्यायालय में शासकीय अधिवक्ता हुकम सिंह रावत ने दस गवाह परीक्षित करवाने के साथ पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट के साथ अन्य साक्ष्य न्यायालय में पेश किए।


सोमवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश राजेंद्र सिंह ने आरोपी युवक प्रदीप रावत को दोषी मानते हुए धारा 376 के तहत सात वर्ष का कठोर कारावास और पांच हजार जुर्माना, धारा 313 में दस वर्ष का कठोर कारावास व पांच हजार रुपये का जुर्माना एवं एससीएसटी एक्ट के तहत एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई, जबकि आरोपी डाक्टर निशा वर्मा को धारा 313 में दस वर्ष के कठोर कारावास, पांच हजार जुर्माना, 420 में तीन वर्ष के कठोर कारावास एवं मेडिकल एक्ट की धारा में एक हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।

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