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राइंका भंकोली में आयोजित किया गया महोत्सव
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राजकीय इंटर कालेज भंकोली में कंडाली महोत्सव का आयोजन कर छात्र-छात्राओं को कंडाली के महत्व और इससे तैयार होने वाले उत्पादों की जानकारी दी गई। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने प्राकृतिक रंगों से होली भी खेली।
शनिवार को राइंका भंकोली में स्पैक्स एवं प्लांट बैंक के सहयोग से कंडाली महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वनस्पति विशेषज्ञ डा. महेंद्र पाल परमार एवं फार्मेसी के प्रो. महेश भट्ट ने कहा कि कंडाली में कई पौष्टिक एवं औषधीय गुण हैं। पहाड़ के गांवों में कंडाली का भोजन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
शिल्प रत्न पुरस्कार से सम्मानित सीएल विश्वकर्मा ने कंडाली की लकड़ी से सजावटी सामान तैयार करने के बारे में बताया। कार्यक्रम संयोजक डा. शंभू प्रसाद नौटियाल ने कहा कि ग्रामीण परिवेश से जुड़े बच्चों को उनके आसपास मौजूद वनस्पतियों के महत्व से रूबरू कराने और इनके संरक्षण के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर प्रधानाचार्य कामदेव पंवार, अगोड़ा के प्रधान मुकेश पंवार, रंगकर्मी संजय पंवार, जैविक कृषि कार्य में लगे गणेश पंवार, दिनेश रावत, सुदीप रावत, सुभाष कोहली, दीपेंद्र, अनुपम ग्रोवर, अर्चना पालीवाल, मनीषा पंवार आदि मौजूद रहे।
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शनिवार को राइंका भंकोली में स्पैक्स एवं प्लांट बैंक के सहयोग से कंडाली महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वनस्पति विशेषज्ञ डा. महेंद्र पाल परमार एवं फार्मेसी के प्रो. महेश भट्ट ने कहा कि कंडाली में कई पौष्टिक एवं औषधीय गुण हैं। पहाड़ के गांवों में कंडाली का भोजन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
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शिल्प रत्न पुरस्कार से सम्मानित सीएल विश्वकर्मा ने कंडाली की लकड़ी से सजावटी सामान तैयार करने के बारे में बताया। कार्यक्रम संयोजक डा. शंभू प्रसाद नौटियाल ने कहा कि ग्रामीण परिवेश से जुड़े बच्चों को उनके आसपास मौजूद वनस्पतियों के महत्व से रूबरू कराने और इनके संरक्षण के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर प्रधानाचार्य कामदेव पंवार, अगोड़ा के प्रधान मुकेश पंवार, रंगकर्मी संजय पंवार, जैविक कृषि कार्य में लगे गणेश पंवार, दिनेश रावत, सुदीप रावत, सुभाष कोहली, दीपेंद्र, अनुपम ग्रोवर, अर्चना पालीवाल, मनीषा पंवार आदि मौजूद रहे।
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