कृषि विज्ञान केंद्र में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। तीस दिन तक चले इस अभियान के तहत क्षेत्र के विभिन्न गांवों में लोगों को कुपोषण से बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक करने के साथ ही पोषक वाटिका के महत्व के बारे में बताया गया। साथ ही भारत को कुपोषण मुक्त करने पर जोर दिया गया। बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र में इस अभियान का समापन किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डा.पंकज नौटियाल ने बताया कि वर्ष 2022 तक भारत को कुपोषण मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत सितंबर माह को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया गया। बताया कि अभियान के तहत पोषण वाटिका लगाकर इसमें पौष्टिक सब्जी उत्पादन के गुर भी ग्रामीणों को सिखाए गए। उन्होंने कम जमीन की उपलब्धता की स्थिति में वर्टिकल गार्डनिंग अपनाने पर जोर दिया। इस मौके पर केंद्र के कृषि प्रसार विशेषज्ञ डा.गौरव पपनै ने ग्रामीणों को संतुलित आहार एवं पोषण प्रबंधन की जानकारी दी। अभियान को सफल बनाने में नीरज जोशी, रोहिणी खोब्रागड़े, वरुण सुप्याल, ख्यालीराम, रीतिका भास्कर, नेहा डोभाल आदि ने विशेष सहयोग दिया। संवाद