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आठ लोगों के खिलाफ सांभर का शिकार करने पर केस दर्ज
घनसाली (टिहरी)
Updated Thu, 19 Nov 2015 06:57 PM IST
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भिलंगना विकास खंड के केपार्स और लसियाल गांव में सांभर को मारने और उसका मांस खाने के आरोप में वन विभाग ने आठ लोगों के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों से 40 हजार जुर्माना वसूल कर उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया है। वन विभाग सांभर का शिकार करने से पहले स्पष्ट इनकार कर रहा था। समाचार पत्रों में यह खबर प्रकाशित होने के बाद वन विभाग की टीम ने मामले की जांच पड़ताल कर कार्रवाई अमल में लाई।
बीते 16 नंबर को बाल गंगा रेंज के केपार्स गांव में सांभर का शिकार होने का मामला प्रकाश में आया था। जंगल से भटककर यह सांभर केपार्स और लसियाल गांव के समीप आ गया था। कुछ लोगों ने सांभर का पीछा करते हुए उसे पत्थरों से मार दिया था। बाद में सांभर को काटकर उसका मांस बांट दिया था। सूचना पर वन विभग की टीम उसी सांय को गांव पहुंची। लेकिन वन विभाग की टीम पहले किसी भी वन्य जीव का शिकार होने से स्पष्ट इनकार करती रही। समाचार पत्रों में यह खबर प्रकाशित होने के बाद वन विभाग ने जांच पड़ताल शुरू की तो सच्चाई सामने आ गई। उप प्रभागीय वनाधिकारी हेमशंकर मैंदोला ने बताया कि लसियाल गांव और केपार्स गांव के आठ ग्रामीणों पर वन्यजीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपियों से 40 हजार जुर्माना वसूल किया गया है।
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बीते 16 नंबर को बाल गंगा रेंज के केपार्स गांव में सांभर का शिकार होने का मामला प्रकाश में आया था। जंगल से भटककर यह सांभर केपार्स और लसियाल गांव के समीप आ गया था। कुछ लोगों ने सांभर का पीछा करते हुए उसे पत्थरों से मार दिया था। बाद में सांभर को काटकर उसका मांस बांट दिया था। सूचना पर वन विभग की टीम उसी सांय को गांव पहुंची। लेकिन वन विभाग की टीम पहले किसी भी वन्य जीव का शिकार होने से स्पष्ट इनकार करती रही। समाचार पत्रों में यह खबर प्रकाशित होने के बाद वन विभाग ने जांच पड़ताल शुरू की तो सच्चाई सामने आ गई। उप प्रभागीय वनाधिकारी हेमशंकर मैंदोला ने बताया कि लसियाल गांव और केपार्स गांव के आठ ग्रामीणों पर वन्यजीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपियों से 40 हजार जुर्माना वसूल किया गया है।
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