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Uttarkashi News: बजट और लकड़ी के अभाव में बुझे अलाव, राहगीर बेहाल
Sat, 10 Jan 2026 05:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 10 Jan 2026 05:40 PM IST
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जिले में इन दिनों पड़ रही है कड़ाके की ठंड, जनजीवन प्रभावित
उत्तरकाशी। जिले में इन दिनों कड़ाके की सर्दी से जनजीवन प्रभावित है। नगर क्षेत्र के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था नहीं होने से राहगीरों, मजदूरों, यात्रियों और असहाय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पालिका की ओर से कुछ दिन अलाव जलाए गए लेकिन अब लकड़ी नहीं मिलने के कारण यह सुविधा बंद कर दी गई है।
जिला मुख्यालय उत्तरकाशी में विश्वनाथ चौक, बस स्टैंड सहित प्रमुख चौराहों, बाजार और अस्पताल के आसपास हर साल ठंड के मौसम में नगर पालिका की ओर से अलाव जलवाए जाते हैं। इससे रात के समय ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों, असहाय लोगों और दूर-दराज से आने वाले मुसाफिरों को राहत मिलती है लेकिन पिछले कुछ दिनों से शहर के किसी भी प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर अलाव जलते हुए नजर नहीं आ रहे हैं।
विश्वनाथ चौक, बस स्टैंड आदि जगहों पर सर्दी से बचने के लिए लोग सुबह और देर रात तक इधर-उधर दुबकने के लिए मजबूर हैं। कई जगह लोग कागज, पत्ते या लकड़ी के छोटे टुकड़े जलाकर आग से ठंड दूर करते हैं। स्थानीय निवासी आशुतोष रावत, नगर व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष विष्णुपाल रावत का कहना है कि दो चार दिन से शहर के प्रमुख जगहों पर अलाव नहीं जल रहे हैं जिससे लोगों को ठंड के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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उन्होंने शहर में लगातार अलाव जलाने की मांग की है। उनका कहना है कि सर्दी हर दिन बढ़ती जा रही है और सबसे अधिक परेशानी गरीब, बुजुर्ग और बेघर लोगों को हो रही है। इसके बावजूद जिला प्रशासन और नगर पालिका की तरफ से अलाव जलवाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ईओ शालिनी चित्रण का कहना है कि वन निगम की डिपो से लकड़ी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे अलाव नहीं जल रहे। उन्होंने कहा कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था की जाएगी।
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उत्तरकाशी। जिले में इन दिनों कड़ाके की सर्दी से जनजीवन प्रभावित है। नगर क्षेत्र के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था नहीं होने से राहगीरों, मजदूरों, यात्रियों और असहाय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पालिका की ओर से कुछ दिन अलाव जलाए गए लेकिन अब लकड़ी नहीं मिलने के कारण यह सुविधा बंद कर दी गई है।
जिला मुख्यालय उत्तरकाशी में विश्वनाथ चौक, बस स्टैंड सहित प्रमुख चौराहों, बाजार और अस्पताल के आसपास हर साल ठंड के मौसम में नगर पालिका की ओर से अलाव जलवाए जाते हैं। इससे रात के समय ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों, असहाय लोगों और दूर-दराज से आने वाले मुसाफिरों को राहत मिलती है लेकिन पिछले कुछ दिनों से शहर के किसी भी प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर अलाव जलते हुए नजर नहीं आ रहे हैं।
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विश्वनाथ चौक, बस स्टैंड आदि जगहों पर सर्दी से बचने के लिए लोग सुबह और देर रात तक इधर-उधर दुबकने के लिए मजबूर हैं। कई जगह लोग कागज, पत्ते या लकड़ी के छोटे टुकड़े जलाकर आग से ठंड दूर करते हैं। स्थानीय निवासी आशुतोष रावत, नगर व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष विष्णुपाल रावत का कहना है कि दो चार दिन से शहर के प्रमुख जगहों पर अलाव नहीं जल रहे हैं जिससे लोगों को ठंड के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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उन्होंने शहर में लगातार अलाव जलाने की मांग की है। उनका कहना है कि सर्दी हर दिन बढ़ती जा रही है और सबसे अधिक परेशानी गरीब, बुजुर्ग और बेघर लोगों को हो रही है। इसके बावजूद जिला प्रशासन और नगर पालिका की तरफ से अलाव जलवाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ईओ शालिनी चित्रण का कहना है कि वन निगम की डिपो से लकड़ी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे अलाव नहीं जल रहे। उन्होंने कहा कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था की जाएगी।