{"_id":"679e22f3e0445790220b57da","slug":"drinking-water-crisis-deepens-in-the-city-area-uttarkashi-news-c-54-1-uki1003-110848-2025-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: नगर क्षेत्र में गहराया पेयजल संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: नगर क्षेत्र में गहराया पेयजल संकट
Sat, 01 Feb 2025 07:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 01 Feb 2025 07:04 PM IST
विज्ञापन
जरूरत से बहुत कम हो रही है आपूर्ति, लोग हो रहे हैं परेशान
बड़कोट नगर में 1100 के सापेक्ष मिल रहा मात्र 600 एलपीएम पानी
बडकोट। नगर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को शीतकाल में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर पालिका क्षेत्र में करीब 1100 लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) पानी की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में 600 एलपीएम पानी ही मिल रहा है।
किल्लत से सबसे अधिक प्रभावित वार्ड नंबर 4 के डॉ. नरेश पंवार, दीपेंद्र भंडारी, सोहन गैरोला कुलदीप, जगमोहन कहते हैं कि पानी बहुत ही कम समय और मात्रा में आ रहा है। इससे कई बार स्रोतों से पेयजल की आपूर्ति को पूरा करना पड़ रहा है। वहीं बहुमंजिला भवनों पर तो मोटर के माध्यम से भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है। वार्ड नंबर 7 के प्रताप सिंह धनाई ने कहा कि जब शीतकाल में पेयजल किल्लत हो रही है, तो ग्रीष्मकाल में यह समस्या ओर गहरा जाएगी। कहा कि नलकूप योजना का कार्य भी धीमी गति से चल रहा है। इसलिए शासन-प्रशासन को इसमें हस्तक्षेप कर कार्य को गति प्रदान करनी चाहिए।
इस साल समय से बारिश बर्फबारी नहीं होने से जल स्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, जिससे जरूरत के अनुपात में पानी कम है। लगभग आधा पानी ही मिल पा रहा है। फिर भी उपलब्ध पानी को हर क्षेत्र में सप्लाई करने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
कुलदीप बिजल्वाण, जेई, जल संस्थान बड़कोट।
विज्ञापन
बड़कोट नगर में 1100 के सापेक्ष मिल रहा मात्र 600 एलपीएम पानी
बडकोट। नगर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को शीतकाल में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर पालिका क्षेत्र में करीब 1100 लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) पानी की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में 600 एलपीएम पानी ही मिल रहा है।
किल्लत से सबसे अधिक प्रभावित वार्ड नंबर 4 के डॉ. नरेश पंवार, दीपेंद्र भंडारी, सोहन गैरोला कुलदीप, जगमोहन कहते हैं कि पानी बहुत ही कम समय और मात्रा में आ रहा है। इससे कई बार स्रोतों से पेयजल की आपूर्ति को पूरा करना पड़ रहा है। वहीं बहुमंजिला भवनों पर तो मोटर के माध्यम से भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है। वार्ड नंबर 7 के प्रताप सिंह धनाई ने कहा कि जब शीतकाल में पेयजल किल्लत हो रही है, तो ग्रीष्मकाल में यह समस्या ओर गहरा जाएगी। कहा कि नलकूप योजना का कार्य भी धीमी गति से चल रहा है। इसलिए शासन-प्रशासन को इसमें हस्तक्षेप कर कार्य को गति प्रदान करनी चाहिए।
विज्ञापन
इस साल समय से बारिश बर्फबारी नहीं होने से जल स्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, जिससे जरूरत के अनुपात में पानी कम है। लगभग आधा पानी ही मिल पा रहा है। फिर भी उपलब्ध पानी को हर क्षेत्र में सप्लाई करने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
कुलदीप बिजल्वाण, जेई, जल संस्थान बड़कोट।