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होटल, रेस्टोरेंटों व ढाबों में जमकर हो रहा घरेलू सिलेंडरों का प्रयोग
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जनपद के होटल, रेस्टोरेंटों व ढाबों में जमकर घरेलू सिलिंडरों का प्रयोग हो रहा है। इस बात की पुष्टि पूर्ति विभाग से मिले आंकड़े कर रहे हैं। यहां दो माह में मात्र 2320 व्यावसायिक सिलिंडरों की खपत हुई है। वहीं घरेलू 66 हजार से अधिक सिलिंडरों की खपत हुई है।
जनपद तीर्थाटन व पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। जनपद में गंगोत्री व यमुनोत्री धाम होने के साथ ही बड़ी संख्या में खूबसूरत पर्यटन स्थल व ट्रेक हैं। यहां वर्षभर तीर्थयात्रियों व पर्यटकों का आनाजाना लगा रहता है। इसीलिए जनपद में बड़ी संख्या में होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे व होम स्टे हैं, लेकिन इन सभी में जमकर घरेलू सिलिंडरों का प्रयोग हो रहा है, जिससे राजस्व को भी नुकसान हो रहा है। इस बात की पुष्टि पूर्ति विभाग से उपलब्ध आंकड़ों से हुई है।
जनपद में अप्रैल व मई में मात्र 2320 व्यवसायिक सिलेंडरों की खपत हुई है। यदि एक माह का आंकड़ा निकाला जाए, तो 11 सौ के करीब आता है। जबकि इस संख्या से कई अधिक जनपद में होटल, रेस्टोरेंट व ढाबों की संख्या है। इससे स्पष्ट होता है कि इन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में व्यवसायिक सिलिंडरों का प्रयोग किया ही नहीं जा रहा है। वहीं अब पूर्ति विभाग सघन चेकिंग अभियान चलाए जाने की बात कह रहा है।
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- व्यावसायिक सिलेंडरों की खपत कम दिख रही है। आशंका है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू सिलेंडरों का प्रयोग किया जा रहा है। इसके खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। -संतोष भट्ट, डीएसओ उत्तरकाशी।
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जनपद तीर्थाटन व पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। जनपद में गंगोत्री व यमुनोत्री धाम होने के साथ ही बड़ी संख्या में खूबसूरत पर्यटन स्थल व ट्रेक हैं। यहां वर्षभर तीर्थयात्रियों व पर्यटकों का आनाजाना लगा रहता है। इसीलिए जनपद में बड़ी संख्या में होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे व होम स्टे हैं, लेकिन इन सभी में जमकर घरेलू सिलिंडरों का प्रयोग हो रहा है, जिससे राजस्व को भी नुकसान हो रहा है। इस बात की पुष्टि पूर्ति विभाग से उपलब्ध आंकड़ों से हुई है।
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जनपद में अप्रैल व मई में मात्र 2320 व्यवसायिक सिलेंडरों की खपत हुई है। यदि एक माह का आंकड़ा निकाला जाए, तो 11 सौ के करीब आता है। जबकि इस संख्या से कई अधिक जनपद में होटल, रेस्टोरेंट व ढाबों की संख्या है। इससे स्पष्ट होता है कि इन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में व्यवसायिक सिलिंडरों का प्रयोग किया ही नहीं जा रहा है। वहीं अब पूर्ति विभाग सघन चेकिंग अभियान चलाए जाने की बात कह रहा है।
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- व्यावसायिक सिलेंडरों की खपत कम दिख रही है। आशंका है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू सिलेंडरों का प्रयोग किया जा रहा है। इसके खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। -संतोष भट्ट, डीएसओ उत्तरकाशी।