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Uttarkashi News: रवांई की पहचान लाल धान पर मंडराया बीमारी का संकट
Mon, 31 Aug 2026 05:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 31 Aug 2026 05:02 PM IST
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फफूंदजनित कॉलर शीथ रॉट और ब्लास्ट रोग के लक्षण मिले
कृषि विभाग की टीम ने प्रभावित गांवों का किया निरीक्षण
पुरोला। रवांई घाटी की पारंपरिक लाल धान की फसल पर बीमारी का संकट मंडराने लगा है। फसल में फफूंदजनित कॉलर शीथ रॉट और ब्लास्ट रोग के लक्षण मिलने की पुष्टि के बाद कृषि विभाग की टीम ने प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया।
कृषि विभाग की टीम ने कण्डियाल गांव, भद्राली, बसंत नगर, पोरा और नागझाला समेत आसपास के क्षेत्रों में धान की फसल का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने किसानों से फसल में बीमारी के लक्षणों और अब तक हुए नुकसान की जानकारी भी ली। विभागीय अधिकारियों के अनुसार खेतों में कॉलर शीथ रॉट एवं ब्लास्ट रोग के लक्षण पाए गए हैं।
इन रोगों से धान के पौधे कमजोर होने के साथ बालियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में किसानों को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रण के उपाय करने को कहा गया है। अधिकारियों ने किसानों को खेतों में साफ-सफाई रखने, खरपतवार समय पर हटाने और अनुशंसित मात्रा में कैप्टान और हेक्साकोनाजोल जैसे फफूंदनाशकों का छिड़काव करने की सलाह दी। साथ ही मृदा जांच कराने और फसल की जरूरत के अनुसार एनपीके खाद का संतुलित प्रयोग करने पर जोर दिया।
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ब्लॉक कृषि तकनीकी अधिकारी विकेश तोमर ने किसानों से फसल की नियमित निगरानी करने और रोग के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल कृषि विभाग से संपर्क करने को कहा, ताकि समय रहते फसल को नुकसान से बचाया जा सके। इस दौरान किसान बिजेंद्र पंवार, देवेंद्र ज़्याड़ा, प्रवेश कुमार, सुनील कुमार, सुधामा प्रसाद, धर्मवीर आदि मौजूद रहे।
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कृषि विभाग की टीम ने प्रभावित गांवों का किया निरीक्षण
पुरोला। रवांई घाटी की पारंपरिक लाल धान की फसल पर बीमारी का संकट मंडराने लगा है। फसल में फफूंदजनित कॉलर शीथ रॉट और ब्लास्ट रोग के लक्षण मिलने की पुष्टि के बाद कृषि विभाग की टीम ने प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया।
कृषि विभाग की टीम ने कण्डियाल गांव, भद्राली, बसंत नगर, पोरा और नागझाला समेत आसपास के क्षेत्रों में धान की फसल का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने किसानों से फसल में बीमारी के लक्षणों और अब तक हुए नुकसान की जानकारी भी ली। विभागीय अधिकारियों के अनुसार खेतों में कॉलर शीथ रॉट एवं ब्लास्ट रोग के लक्षण पाए गए हैं।
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इन रोगों से धान के पौधे कमजोर होने के साथ बालियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में किसानों को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रण के उपाय करने को कहा गया है। अधिकारियों ने किसानों को खेतों में साफ-सफाई रखने, खरपतवार समय पर हटाने और अनुशंसित मात्रा में कैप्टान और हेक्साकोनाजोल जैसे फफूंदनाशकों का छिड़काव करने की सलाह दी। साथ ही मृदा जांच कराने और फसल की जरूरत के अनुसार एनपीके खाद का संतुलित प्रयोग करने पर जोर दिया।
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ब्लॉक कृषि तकनीकी अधिकारी विकेश तोमर ने किसानों से फसल की नियमित निगरानी करने और रोग के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल कृषि विभाग से संपर्क करने को कहा, ताकि समय रहते फसल को नुकसान से बचाया जा सके। इस दौरान किसान बिजेंद्र पंवार, देवेंद्र ज़्याड़ा, प्रवेश कुमार, सुनील कुमार, सुधामा प्रसाद, धर्मवीर आदि मौजूद रहे।