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मृत जुड़वा बच्चियों को जन्म देने के बाद तोड़ा दम
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मृत जुड़वा बच्चियों को जन्म देने के बाद विकासखंड पुरोला कंडियाल गांव निवासी महिला ने दम तोड़ दिया। हालत बिगड़ने पर महिला को सीएचसी पुरोला से हायर सेंटर रेफर किया गया था। देहरादून जाते समय नैनबाग के समीप महिला ने दम तोड़ दिया। पुुरोला विकासखंड में तीन दिनों के भीतर दो प्रसूता दम तोड़ चुकी हैं। बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों ने महिला के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।
सोमवार शाम को ग्राम पंचायत कंडियाल गांव के बसंतनगर निवासी प्रकाश की पत्नी नीतू को प्रसव के लिए सीएचसी पुुुुरोला में भर्ती किया गया था। रात करीब 9 बजे नीतू ने मृत जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। शरीर में खून की कमी के कारण नीतू को हायर सेंटर रेफर किया गया। हायर सेंटर देहरादून ले जाते समय नीतू ने नैनबाग के समीप दम तोड़ दिया। नीतू की तीन बेटियां हैं और यह उसका चौथा प्रसव था।
सीएचसी पुरोला के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. पंकज ने बताया कि नीतू के पेट में छह माह के जुड़वा बच्चे थे। उसे 16 जुलाई को हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया था। परिजनों ने नीतू को दून अस्पताल में भर्ती कराया था। 10 दिन दून अस्पताल में रहने के बाद चिकित्सकों ने उसे एम्स के लिए रेफर किया था। लेकिन, परिजन एम्स के बजाय उसे घर ले आए। डा. पंकज ने बताया कि परिजन सोमवार रात को नीतू को अस्पताल लाए। नीतू के शरीर में खून की कमी होने के कारण उसे हायर सेंटर रेफर किया गया था। ग्राम प्रधान विजेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि मृतक प्रसूता का परिवार आर्थिक रूप से बहुत कमजोर है। परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग की गई है।
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बता दें कि विकासखंड पुुरोला में तीन दिनों के भीतर दो प्रसूता दम तोड़ चुकी हैं। बीते शनिवार को धिवरा गांव निवासी विनीता ने मृत बच्चे को जन्म दिया था। रक्तश्राव न रुकने पर उसे हायर सेेंटर रेफर किया गया था। विनीता ने डामटा के पास दम तोड़ दिया था। नीतू को भी खून की कमी के चलते हायर सेंटर रेफर किया गया था। लेकिन नैनबाग के समीप ही उसने दम तोड़ दिया।
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सीएचसर पुरोला में नहीं हैं सुविधाएं
पुरोला क्षेत्र की करीब 30 से 40 हजार की आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सीएचसी पुरोला पर निर्भर है। अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी है। स्थिति यह है कि इतनी बड़ी आबादी के लिए बने इस अस्पताल में एक भी महिला रोग विशेषज्ञ नहीं है। इसके अलावा अस्पताल में फिजिशियन, सर्जन व निश्चेतक जैसे महत्वपूर्ण पद भी रिक्त चल रहे हैं। अस्पताल की दो नर्सेज भी अन्यत्र संबद्ध हैं। अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती सहित अन्य सुविधाओं के लिए ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी भी दे चुके हैं।
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सोमवार शाम को ग्राम पंचायत कंडियाल गांव के बसंतनगर निवासी प्रकाश की पत्नी नीतू को प्रसव के लिए सीएचसी पुुुुरोला में भर्ती किया गया था। रात करीब 9 बजे नीतू ने मृत जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। शरीर में खून की कमी के कारण नीतू को हायर सेंटर रेफर किया गया। हायर सेंटर देहरादून ले जाते समय नीतू ने नैनबाग के समीप दम तोड़ दिया। नीतू की तीन बेटियां हैं और यह उसका चौथा प्रसव था।
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सीएचसी पुरोला के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. पंकज ने बताया कि नीतू के पेट में छह माह के जुड़वा बच्चे थे। उसे 16 जुलाई को हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया था। परिजनों ने नीतू को दून अस्पताल में भर्ती कराया था। 10 दिन दून अस्पताल में रहने के बाद चिकित्सकों ने उसे एम्स के लिए रेफर किया था। लेकिन, परिजन एम्स के बजाय उसे घर ले आए। डा. पंकज ने बताया कि परिजन सोमवार रात को नीतू को अस्पताल लाए। नीतू के शरीर में खून की कमी होने के कारण उसे हायर सेंटर रेफर किया गया था। ग्राम प्रधान विजेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि मृतक प्रसूता का परिवार आर्थिक रूप से बहुत कमजोर है। परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग की गई है।
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बता दें कि विकासखंड पुुरोला में तीन दिनों के भीतर दो प्रसूता दम तोड़ चुकी हैं। बीते शनिवार को धिवरा गांव निवासी विनीता ने मृत बच्चे को जन्म दिया था। रक्तश्राव न रुकने पर उसे हायर सेेंटर रेफर किया गया था। विनीता ने डामटा के पास दम तोड़ दिया था। नीतू को भी खून की कमी के चलते हायर सेंटर रेफर किया गया था। लेकिन नैनबाग के समीप ही उसने दम तोड़ दिया।
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सीएचसर पुरोला में नहीं हैं सुविधाएं
पुरोला क्षेत्र की करीब 30 से 40 हजार की आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सीएचसी पुरोला पर निर्भर है। अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी है। स्थिति यह है कि इतनी बड़ी आबादी के लिए बने इस अस्पताल में एक भी महिला रोग विशेषज्ञ नहीं है। इसके अलावा अस्पताल में फिजिशियन, सर्जन व निश्चेतक जैसे महत्वपूर्ण पद भी रिक्त चल रहे हैं। अस्पताल की दो नर्सेज भी अन्यत्र संबद्ध हैं। अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती सहित अन्य सुविधाओं के लिए ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी भी दे चुके हैं।