फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   Devs will not go to Dham from winter migration destinations

शीतकालीन प्रवास स्थलों से देव डोलियां नहीं जाएंगी धाम

Sat, 07 Dec 2019 10:12 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 07 Dec 2019 10:12 PM IST
विज्ञापन
Devs will not go to Dham from winter migration destinations
चार धाम समेत 51 मंदिरों को श्राइन बोर्ड के अधीन करने संबंधी सरकार के निर्णय का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। गंगोत्री के तीर्थ पुरोहितों ने श्राइन बोर्ड की आड़ में धामों एवं मंदिरों के अधिग्रहण की साजिश का विरोध करते हुए कलक्ट्रेट परिसर में धरना आंदोलन शुरू कर दिया है। साथ ही उन्होंने श्राइन बोर्ड का प्रस्ताव निरस्त नहीं करने पर आगामी यात्रा सीजन में कपाटोद्धाटन के दिन शीतकालीन प्रवास स्थलों से देव डोलियों को धामों तक नहीं ले जाने का एलान किया है।
विज्ञापन

शनिवार को गंगोत्री के तीर्थ पुरोहित जिला मुख्यालय पर एकत्र हुए और उन्होंने कलक्ट्रेट में क्रमिक धरना आंदोलन शुरू कर दिया। धरना स्थल पर हुई सभा को संबोधित करते हुए तीर्थ पुरोहितों ने सरकार पर श्राइन बोर्ड की आड़ में हिंदुओं की आस्था के केंद्रों का अधिग्रहण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार यात्रा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए श्राइन बोर्ड के गठन की बात कह रही है, जबकि यह कार्य चार धाम विकास परिषद के माध्यम से भी किया जा सकता है। लेकिन एक दशक से भी ज्यादा समय पहले गठित परिषद को अभी तक अधिकार संपन्न नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि श्राइन बोर्ड एक्ट से तीर्थ पुरोहितों के हक हकूक प्रभावित नहीं होंगे, जबकि हकीकत यह है कि तीर्थ पुरोहितों को श्राइन बोर्ड के बारे बताया ही नहीं जा रहा है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि एक ओर तो सरकार पहाड़ से पलायन रोकने की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर श्राइन बोर्ड का गठन कर तीर्थ पुरोहितों एवं पुजारियों को भी पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है। तीर्थ पुरोहितों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र श्राइन बोर्ड का प्रस्ताव वापस नहीं लिया, तो अगले यात्रा सीजन में वे शीतकालीन प्रवास स्थलों से देव डोलियों को धामों तक नहीं ले जाएंगे। श्राइन बोर्ड के विरोध में 18 दिसंबर को जिला मुख्यालय पर महारैली का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

गंगोत्री के पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, पालिकाध्यक्ष रमेश सेमवाल, पूर्व राज्य मंत्री घनानंद नौटियाल, व्यापार मंडल महामंत्री अंकित उप्पल आदि लोगों ने धरना स्थल पर पहुंचकर तीर्थ पुरोहितों की मांग को जायज बताते हुए समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों में मंदिर समिति के सचिव दीपक सेमवाल, अरुण सेमवाल, कृपाराम सेमवाल, राजेश सेमवाल, हरीश सेमवाल, प्रकाश सेमवाल, धर्मानंद सेमवाल, रमेश सेमवाल, गणेश सेमवाल, पवन सेमवाल, कमलनयन, राकेश सेमवाल सहित कई तीर्थ पुरोहित मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed