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देव डोलियों और श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 14 Jan 2016 06:47 PM IST
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पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को होने के बावजूद सालों से चली आ रही परंपरा के तहत बृहस्पतिवार को भी स्नान पर्व मनाया गया।
काशी में गंगा स्नान के महत्व को देखते हुए बड़ी संख्या में देव डोलियां और श्रद्धालुओं ने पौराणिक मणिकर्णिका घाट पर पहुंचकर गंगा में डुबकी लगाई। शुक्रवार को भी स्नान पर्व मनाया जाएगा।
बृहस्पतिवार तड़के दो बजे से ही पौराणिक मणिकर्णिका घाट पर देव डोलियां और श्रद्धालु पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंची देव डोलियों और उनके साथ पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया।
श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त में गंगा घाट पर देव डोलियों के नृत्य के अलौकिक दृश्य के साक्षी बने।
पं. उमेश नौटियाल ने बताया कि ग्रह चाल एवं पंचांग के अनुसार सूर्य 14 जनवरी की रात एक बजे से उत्तरायण होगा। इसलिए मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को भी मनाया जाएगा।
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ऐसे में देव डोलियां और श्रद्धालु शुक्रवार को भी गंगा स्नान के लिए यहां पहुंचेंगे। स्नान घाट बीते सालों की बाढ़ में ध्वस्त पड़े होने के कारण श्रद्धालुओं को आगे बढ़कर गंगा स्नान करना पड़ा, लेकिन जल विद्युत निगम द्वारा गंगा की धारा तक पहुंचने के लिए सुरक्षित रास्ते बनाने से सहूलियत हुई। पालिका ने भी यहां श्रद्धालुओं के लिए अलाव एवं रोशनी की व्यवस्था की थी।
व्यापार मंडल की ओर से श्रद्धालुओं के लिए चाय का इंतजाम किया गया। स्नान पर्व के प्रति पुलिस एवं प्रशासन सजग दिखे। एसडीएम भटवाड़ी राजकुमार पांडे रात दो बजे से ही घाट पर डटे रहे। स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल, एलआईयू एवं जल पुलिस के जवान भी मौके पर रहे।
टिहरी से भी गंगा स्नान को पहुंची देव डोलियां
टिहरी बांध झील में गंगा भागीरथी का प्रवाह थमने के कारण बीते सालों से टिहरी जिले से भी देव डोलियां स्नान के लिए उत्तरकाशी पहुंच रही हैं।
बृहस्पतिवार को टिहरी जिले से सुरकंडा माता, भोलेनाथ, नागराज, श्रीखाल देवता, बड़ेथी बनचौरा के सिद्धेश्वर, चिन्यालीसौड़ की राजराजेश्वरी, भद्रकाली, धनारी की नागणी माता, जाखणी देवी, इंद्रा टिपरी की जगदेई, तिलोथ के नागदेवता, मानपुर के कैलापीर, किशनपुर के नागराज, ज्ञानसू की काली माता आदि दर्जनों देव डोलियों ने उत्तरकाशी पहुंचकर स्नान किया। बाड़ाहाट क्षेत्र के आराध्य कंडार देवता एवं बाड़ागड्डी के हरि महाराज आदि कई देवी-देवता शुक्रवार को गंगा स्नान के लिए पहुंचेंगे।
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काशी में गंगा स्नान के महत्व को देखते हुए बड़ी संख्या में देव डोलियां और श्रद्धालुओं ने पौराणिक मणिकर्णिका घाट पर पहुंचकर गंगा में डुबकी लगाई। शुक्रवार को भी स्नान पर्व मनाया जाएगा।
बृहस्पतिवार तड़के दो बजे से ही पौराणिक मणिकर्णिका घाट पर देव डोलियां और श्रद्धालु पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंची देव डोलियों और उनके साथ पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया।
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श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त में गंगा घाट पर देव डोलियों के नृत्य के अलौकिक दृश्य के साक्षी बने।
पं. उमेश नौटियाल ने बताया कि ग्रह चाल एवं पंचांग के अनुसार सूर्य 14 जनवरी की रात एक बजे से उत्तरायण होगा। इसलिए मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को भी मनाया जाएगा।
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ऐसे में देव डोलियां और श्रद्धालु शुक्रवार को भी गंगा स्नान के लिए यहां पहुंचेंगे। स्नान घाट बीते सालों की बाढ़ में ध्वस्त पड़े होने के कारण श्रद्धालुओं को आगे बढ़कर गंगा स्नान करना पड़ा, लेकिन जल विद्युत निगम द्वारा गंगा की धारा तक पहुंचने के लिए सुरक्षित रास्ते बनाने से सहूलियत हुई। पालिका ने भी यहां श्रद्धालुओं के लिए अलाव एवं रोशनी की व्यवस्था की थी।
व्यापार मंडल की ओर से श्रद्धालुओं के लिए चाय का इंतजाम किया गया। स्नान पर्व के प्रति पुलिस एवं प्रशासन सजग दिखे। एसडीएम भटवाड़ी राजकुमार पांडे रात दो बजे से ही घाट पर डटे रहे। स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल, एलआईयू एवं जल पुलिस के जवान भी मौके पर रहे।
टिहरी से भी गंगा स्नान को पहुंची देव डोलियां
टिहरी बांध झील में गंगा भागीरथी का प्रवाह थमने के कारण बीते सालों से टिहरी जिले से भी देव डोलियां स्नान के लिए उत्तरकाशी पहुंच रही हैं।
बृहस्पतिवार को टिहरी जिले से सुरकंडा माता, भोलेनाथ, नागराज, श्रीखाल देवता, बड़ेथी बनचौरा के सिद्धेश्वर, चिन्यालीसौड़ की राजराजेश्वरी, भद्रकाली, धनारी की नागणी माता, जाखणी देवी, इंद्रा टिपरी की जगदेई, तिलोथ के नागदेवता, मानपुर के कैलापीर, किशनपुर के नागराज, ज्ञानसू की काली माता आदि दर्जनों देव डोलियों ने उत्तरकाशी पहुंचकर स्नान किया। बाड़ाहाट क्षेत्र के आराध्य कंडार देवता एवं बाड़ागड्डी के हरि महाराज आदि कई देवी-देवता शुक्रवार को गंगा स्नान के लिए पहुंचेंगे।