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Uttarkashi News: सहकारी समितियों के एकीकरण को निरस्त करने की मांग
Wed, 17 Dec 2025 05:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 17 Dec 2025 05:48 PM IST
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राज्य आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञान
पुरोला। सहकारी समितियों के एकीकरण निरस्त करने की मांग को लेकर उत्तराखंड चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों ने तहसीलदार के माध्यम से सीएम को ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने कहा कि विकासखंड मोरी में सात सहकारी समितियां कार्यरत थी लेकिन राज्य सरकार की ओर से घटाकर चार कर दिया गया है। इससे समितियों से जुड़े किसानों और क्षेत्र की विषय भौगोलिक स्थिति से आम लोगों को भारी परेशानियों का समाना करना पड़ रहा है।
बुधवार को उत्तराखंड चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति के संगठन अध्यक्ष विपिन चौहान ने कहा कि मोरी क्षेत्र भौगोलिक रूप से अत्यंत दुर्गम एवं पिछड़ा क्षेत्र है। वहां आज भी कई गांवों में सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं है। लोगों को पैदल ही लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। डोभाल गांव, सांकरी और माकुड़ी सहकारी समितियों में वर्तमान में हजारों शेयर धारक जुड़े हुए हैं। साथ ही समितियों का वार्षिक आय-व्यय करोड़ों रुपये में हैं।
इसके बावजूद किसानों को समिति से जुड़े कार्यों के लिए 25 से 30 किमी दूर जाना पड़ता है जो सरकार की घर तक सेवा की मंशा विपरीत है। इससे किसानों का सहकारी समितियों से जुड़ाव लगातार कमजोर होता जा रहा है। वहीं, जिला निबंधक, सहकारी समिति उत्तरकाशी ने सांकरी और माकुड़ी समितियों का पुनर्गठन किया जा चुका है लेकिन डोभाल गांव समिति का पुनर्गठन अभी तक नहीं हुआ है। इस मौके पर प्रताप, अनिल राणा, हरीश रावत, राजेंद्र रावत, जयराम चौहान, प्रमोद रावत, अरविंद रावत, जयवीर रावत, चंदर चौहान, राजमोहन रांगड़ आदि मौजूद रहे।
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पुरोला। सहकारी समितियों के एकीकरण निरस्त करने की मांग को लेकर उत्तराखंड चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों ने तहसीलदार के माध्यम से सीएम को ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने कहा कि विकासखंड मोरी में सात सहकारी समितियां कार्यरत थी लेकिन राज्य सरकार की ओर से घटाकर चार कर दिया गया है। इससे समितियों से जुड़े किसानों और क्षेत्र की विषय भौगोलिक स्थिति से आम लोगों को भारी परेशानियों का समाना करना पड़ रहा है।
बुधवार को उत्तराखंड चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति के संगठन अध्यक्ष विपिन चौहान ने कहा कि मोरी क्षेत्र भौगोलिक रूप से अत्यंत दुर्गम एवं पिछड़ा क्षेत्र है। वहां आज भी कई गांवों में सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं है। लोगों को पैदल ही लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। डोभाल गांव, सांकरी और माकुड़ी सहकारी समितियों में वर्तमान में हजारों शेयर धारक जुड़े हुए हैं। साथ ही समितियों का वार्षिक आय-व्यय करोड़ों रुपये में हैं।
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इसके बावजूद किसानों को समिति से जुड़े कार्यों के लिए 25 से 30 किमी दूर जाना पड़ता है जो सरकार की घर तक सेवा की मंशा विपरीत है। इससे किसानों का सहकारी समितियों से जुड़ाव लगातार कमजोर होता जा रहा है। वहीं, जिला निबंधक, सहकारी समिति उत्तरकाशी ने सांकरी और माकुड़ी समितियों का पुनर्गठन किया जा चुका है लेकिन डोभाल गांव समिति का पुनर्गठन अभी तक नहीं हुआ है। इस मौके पर प्रताप, अनिल राणा, हरीश रावत, राजेंद्र रावत, जयराम चौहान, प्रमोद रावत, अरविंद रावत, जयवीर रावत, चंदर चौहान, राजमोहन रांगड़ आदि मौजूद रहे।
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