फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   Dangerous journey on decaying roads

खस्ताहाल सड़कों पर जोखिम भरा सफर

Thu, 24 Sep 2020 10:39 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2020 10:39 PM IST
विज्ञापन
Dangerous journey on decaying roads
बारिश के कारण बदहाल पड़ा गंगोरी संगमचट्टी मोटर मार्ग। - फोटो : UTTER KASHI
बरसात और ऑल वेदर परियोजना के निर्माण के कारण टिहरी जिले में एक राष्ट्रीय राजमार्ग, एक जिला मार्ग और दो ग्रामीण मोटर मार्ग यातायात के लिए बंद पड़े हैं, जबकि आठ मोटर मार्ग लंबे समय से डामरीकरण के अभाव में खस्ताहाल बने हैं। स्थिति यह है कि इन मार्गों को अभी तक दुरुस्त नहीं किया गया है। ऐसे में ग्रामीण खस्ताहाल बने मार्गों पर जानजोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

ऋषिकेश-केदारनाथ हाईवे 58 पर ऑल वेदर परियोजना के निर्माण दौरान बारिश से पहाड़ी टूटने के कारण बंद है, जबकि अगलाड-थत्यूड-अलमस मार्ग पर पुल क्षतिग्रस्त होने से मार्ग यातायात के लिए एक सप्ताह से बंद है। हिंडोलाखाल-सोनी-सरोली और फकोट-कटकोट मार्ग भी मलबे के कारण बंद है। इसके साथ ही पीपलडाली-चाह गडोलिया, पेटव-कोश्यार, पुजारगांव-बनकुंडाली, मोटणा-चांठी, बिजपुर-कंडियालगांव, सेंदुल-पटुडगांव समेत आठ मोटर मार्ग जगह-जगह डामरीकरण उखड़ने के कारण खस्ताहाल हैं। लोनिवि के अधीक्षण अभियंता एनपी सिंह का कहना है कि बारिश से बंद मार्गों पर यातायात शुरू करवा दिया गया है। शेष मार्गों को खुलवाने का काम चल रहा है। डामरीकरण के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। संवाद
विज्ञापन

उत्तरकाशी जिले में 24 सड़कें बदहाल
उत्तरकाशी। जिले में बरसात और ऑल वेदर परियोजना के काम के कारण अभी भी 24 सड़कें बदहाल हैं, जिन पर जनता को आवाजाही करना मुश्किल बना है। कुनसाला-कुपड़ा, गंगोरी-संगमचट्टी, तालुका मोटर मार्ग समेत कई अन्य मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त पड़े हैं, जिनकी मरम्मत की जा रही है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि मौजूदा समय में जिले के सभी मार्ग सुचारु हैं। हालांकि गंगोरी-संगमचट्टी व कुनसाला मार्ग में कुछ समस्याएं हैं। जिन्हें जल्द ही दूर कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

चमोली जिले में एक मार्ग बंद, 80 सड़कें खस्ताहाल
गोपेश्वर/रुद्रप्रयाग। भारी बारिश और भूस्खलन से चमोली जिले में 80 सड़कें बदहाल पड़ी हैं। मलबा आने से एकमात्र थराली-जूनीधार-गोठिंडा सड़क 13 अगस्त से बंद पड़ी है, जबकि अन्य सड़कों को वैकल्पिक रूप से वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु किया गया है। चमोली में चमोली-लासी-सरतोली, पीपलकोटी-मठ-बेमरु, पीपलकोटी-किरुली-कम्यार, थराली-देवाल-मुंदोली, गोपेश्वर-पोखरी, पोखरी-हरिशंकर-रौता, घाट-रामणी, घाट-मोख सहित 80 सड़कें बदहाल हैं। लोनिवि के अधीक्षण अभियंता मुकेश परमार ने बताया कि सड़कों की मरम्मत के लिए शासन से बजट की मांग की गई है।

रुद्रप्रयाग में लोनिवि की 25 सड़कें व्यापक रूप से प्रभावित हुईं। छेनागाड़-बक्सीर मार्ग बदहाल होने से गदेरे से वाहनों का संचालन हो रहा है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता इंद्रजीत बोस ने बताया कि खांकरा-खेड़ाखाल मार्ग पर टूटे पुश्ते हादसों का सबब बने हैं। मार्गों को जल्द दुरुस्त करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed