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Uttarkashi News: उत्तरकाशी की बिरला गली में कदम-कदम पर खतरा
Sat, 26 Sep 2026 04:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 26 Sep 2026 04:59 PM IST
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जगह-जगह खुले नाली के गड्ढे, टूटी और उखड़ी टाइलें बनी हैं परेशानी
उत्तरकाशी। नगर क्षेत्र की व्यस्त बिरला गली इन दिनों बदहाल स्थिति से गुजर रही है। गली में जगह-जगह खुले नाली के गड्ढे, टूटी और उखड़ी टाइलें, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और दोनों ओर बेतरतीब खड़े दोपहिया वाहन लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।
गली के कई हिस्सों में नालियों पर लगे सरिया वाले ढक्कन या तो पूरी तरह हट चुके हैं या क्षतिग्रस्त हैं। कई जगह नालियां खुले गहरे गड्ढों के रूप में दिखाई दे रही हैं। वहीं, रास्ते पर लगी टाइलें टूटने और उखड़ने से पैदल चलने वालों को संभलकर कदम रखना पड़ रहा है। बारिश के दौरान खुले नालों और टूटी टाइलों के कारण स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है।
संकरी गली में दोनों ओर बेतरतीब वाहनों की पार्किंग से राहगीरों के लिए बचा रास्ता और कम हो जाता है। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से खुले नालों और टूटे रास्तों का खतरा और बढ़ जाता है। भीड़ के दौरान बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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स्थानीय निवासी रवि पंवार, आनंद धनाई आदि ने बताया कि रात के समय गली से गुजरना सबसे मुश्किल होता है। कई बार लोग असंतुलित होकर गिर चुके हैं और चोटिल भी हुए हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बनी इस समस्या पर जिम्मेदार विभागों को तत्काल ध्यान देना चाहिए। स्थानीय लोगों ने खुले नालों को तत्काल ढकने, टूटी टाइलों और क्षतिग्रस्त रास्ते की मरम्मत कराने व बेतरतीब पार्किंग पर अंकुश लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय संबंधित विभागों को समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए।
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उत्तरकाशी। नगर क्षेत्र की व्यस्त बिरला गली इन दिनों बदहाल स्थिति से गुजर रही है। गली में जगह-जगह खुले नाली के गड्ढे, टूटी और उखड़ी टाइलें, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और दोनों ओर बेतरतीब खड़े दोपहिया वाहन लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।
गली के कई हिस्सों में नालियों पर लगे सरिया वाले ढक्कन या तो पूरी तरह हट चुके हैं या क्षतिग्रस्त हैं। कई जगह नालियां खुले गहरे गड्ढों के रूप में दिखाई दे रही हैं। वहीं, रास्ते पर लगी टाइलें टूटने और उखड़ने से पैदल चलने वालों को संभलकर कदम रखना पड़ रहा है। बारिश के दौरान खुले नालों और टूटी टाइलों के कारण स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है।
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संकरी गली में दोनों ओर बेतरतीब वाहनों की पार्किंग से राहगीरों के लिए बचा रास्ता और कम हो जाता है। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से खुले नालों और टूटे रास्तों का खतरा और बढ़ जाता है। भीड़ के दौरान बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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स्थानीय निवासी रवि पंवार, आनंद धनाई आदि ने बताया कि रात के समय गली से गुजरना सबसे मुश्किल होता है। कई बार लोग असंतुलित होकर गिर चुके हैं और चोटिल भी हुए हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बनी इस समस्या पर जिम्मेदार विभागों को तत्काल ध्यान देना चाहिए। स्थानीय लोगों ने खुले नालों को तत्काल ढकने, टूटी टाइलों और क्षतिग्रस्त रास्ते की मरम्मत कराने व बेतरतीब पार्किंग पर अंकुश लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय संबंधित विभागों को समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए।