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Uttarkashi News: पटाखों से जले ब्रिटिश कालीन पुल मामले में अज्ञात के खिलाफ केस
Mon, 04 Nov 2024 06:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 04 Nov 2024 06:37 PM IST
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मोरी (उत्तरकाशी)। दीपावली के दिन मोरी ब्लाॅक में ब्रिटिश काल में बने सांद्रा झूला पुल पर पटाखों से आग लगने के मामले में वन विभाग ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आग के कारण पुल पर लगे लकड़ी के फट्टे जलकर राख हो गए थे, जिसके बाद से पुल पर आवाजाही बंद कर दी गई है।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगे जनपद के सीमांत मोरी विकासखंड में सांद्रा झूला पुल का निर्माण वर्ष 1889 में हुआ था, जिसकी देखरेख का जिम्मा वन विभाग के पास था। यह पुल सल्ला, मौताड़ और बागी आदि गांवों को जोड़ता है, लेकिन पुल के जर्जर होने के चलते इस पर पूर्व में ही आवाजाही प्रतिबंधित की गई थी। बावजूद इसके ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते थे।
गत शुक्रवार सुबह पटाखों से पुल पर अचानक आग भड़क गई थी। सूचना पर ग्रामीणों और वन कर्मियों ने पानी से किसी तरह आग बुझाई, लेकिन तब तक पुल पर लगे लकड़ी के फट्टे जल गए थे। रेंज ऑफिसर अविलाश वीर सक्सेना ने बताया कि पुल जलने के मामले में मोरी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। इधर, मोरी थानाध्यक्ष रणवीर सिंह चौहान ने बताया कि सांद्रा झूला पुल की शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है।
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बता दें कि हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगे जनपद के सीमांत मोरी विकासखंड में सांद्रा झूला पुल का निर्माण वर्ष 1889 में हुआ था, जिसकी देखरेख का जिम्मा वन विभाग के पास था। यह पुल सल्ला, मौताड़ और बागी आदि गांवों को जोड़ता है, लेकिन पुल के जर्जर होने के चलते इस पर पूर्व में ही आवाजाही प्रतिबंधित की गई थी। बावजूद इसके ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते थे।
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गत शुक्रवार सुबह पटाखों से पुल पर अचानक आग भड़क गई थी। सूचना पर ग्रामीणों और वन कर्मियों ने पानी से किसी तरह आग बुझाई, लेकिन तब तक पुल पर लगे लकड़ी के फट्टे जल गए थे। रेंज ऑफिसर अविलाश वीर सक्सेना ने बताया कि पुल जलने के मामले में मोरी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। इधर, मोरी थानाध्यक्ष रणवीर सिंह चौहान ने बताया कि सांद्रा झूला पुल की शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है।
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