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लापता 11 पर्यटकों में से पांच के शव दिखे
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हर्षिल से हिमाचल की ट्रेकिंग के दौरान के घायल पर्यटक का आर्मी अस्पताल हर्षिल में उपचार करते सेना
- फोटो : UTTER KASHI
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हर्षिल से हिमाचल प्रदेश के छितकुल में ट्रेकिंग के दौरान लापता 11 में से पांच ट्रेकरों के शव छितुकल के समीप देखे गए हैं। मौसम खराब होने के कारण उनको अभी लाया नहीं जा सका है। एक घायल को हर्षिल आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे अब जिला अस्पताल उत्तरकाशी लाया जा रहा है। जिस स्थान पर शव मिले हैं वहां करीब चार फीट बर्फ है। शुक्रवार तक इन शवों को सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से लाया जाएगा। अभियान सेना व वायु सेना की ओर से चलाया जा रहा है।
11 अक्तूबर को पश्चिम बंगाल और अन्य स्थानों के आठ पर्यटकों का दल मोरी सांकरी की एक ट्रेकिंग एजेंसी के माध्यम से हर्षिल से रवाना हुआ था। इसके लिए दल ने उत्तरकाशी वन प्रभाग से 13 से 21 अक्तूबर तक लम्खागा पास तक ट्रेकिंग के लिए इनर लाइन परमिट भी लिया था। मौसम खराब होने के कारण बुधवार को आठ पर्यटकों समेत 11 लोग लापता हो गए थे। दल में तीन कुकिंग स्टाफ व 6 पोर्टर भी शामिल थे। 18 अक्तूबर को 6 पोर्टर लम्खागा पास के पास पर्यटकों का सामान छोड़कर छितकुल पहुंच गए थे। जब 19 अक्तूबर तक दल छितकुल नहीं पहुंचा तो ट्रेकिंग एजेंसी ने आपदा प्रबंधन विभाग से मदद मांगी। इस पर आर्मी व वायु सेना की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। रेस्क्यू दल को छितकुल के पास 5 शव दिखे हैं। इन शवों को अभी रेस्क्यू नहीं किया गया है। बताया जा रहा है शव अलग-अलग स्थानों पर हैं। इन्हें एक स्थान पर एकत्र कर शुक्रवार को रेस्क्यू कर लिया जाएगा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि एक पर्यटक मिथुन दारी का रेस्क्यू किया गया है। उसे प्राथमिक उपचार के लिए आर्मी अस्पताल हर्षिल में भर्ती कराया गया था। अब उक्त पर्यटक को जिला अस्पताल उत्तरकाशी लाया जा रहा है। एक पर्यटक और दिखा है। उसकेरेस्क्यू के लिए टीम उस स्थान पर छोड़ी गई है। शेष लापता पांच लोगों के लिए अभियान जारी है। 9 बिहार रेजीमेंट ने भी रेस्क्यू अभियान के संबंध में प्रेस रिलीज जारी की है।
टीम में ये लोग शामिल
टीम के सदस्यों की पहचान दिल्ली की अनीता रावत (38), पश्चिम बंगाल के मिथुन दारी (31), तन्मय तिवारी (30), विकास मकल (33), सौरभ घोष (34), सावियन दास (28), रिचर्ड मंडल (30), सुकेन मांझी (43) के तौर पर हुई है। खाना पकाने वाले कर्मचारियों की पहचान देवेंद्र (37), ज्ञान चंद्र (33) और उपेंद्र (32) के रूप में हुई है। ये सभी उत्तरकाशी के पुरोला के रहने वाले हैं।
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11 अक्तूबर को पश्चिम बंगाल और अन्य स्थानों के आठ पर्यटकों का दल मोरी सांकरी की एक ट्रेकिंग एजेंसी के माध्यम से हर्षिल से रवाना हुआ था। इसके लिए दल ने उत्तरकाशी वन प्रभाग से 13 से 21 अक्तूबर तक लम्खागा पास तक ट्रेकिंग के लिए इनर लाइन परमिट भी लिया था। मौसम खराब होने के कारण बुधवार को आठ पर्यटकों समेत 11 लोग लापता हो गए थे। दल में तीन कुकिंग स्टाफ व 6 पोर्टर भी शामिल थे। 18 अक्तूबर को 6 पोर्टर लम्खागा पास के पास पर्यटकों का सामान छोड़कर छितकुल पहुंच गए थे। जब 19 अक्तूबर तक दल छितकुल नहीं पहुंचा तो ट्रेकिंग एजेंसी ने आपदा प्रबंधन विभाग से मदद मांगी। इस पर आर्मी व वायु सेना की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। रेस्क्यू दल को छितकुल के पास 5 शव दिखे हैं। इन शवों को अभी रेस्क्यू नहीं किया गया है। बताया जा रहा है शव अलग-अलग स्थानों पर हैं। इन्हें एक स्थान पर एकत्र कर शुक्रवार को रेस्क्यू कर लिया जाएगा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि एक पर्यटक मिथुन दारी का रेस्क्यू किया गया है। उसे प्राथमिक उपचार के लिए आर्मी अस्पताल हर्षिल में भर्ती कराया गया था। अब उक्त पर्यटक को जिला अस्पताल उत्तरकाशी लाया जा रहा है। एक पर्यटक और दिखा है। उसकेरेस्क्यू के लिए टीम उस स्थान पर छोड़ी गई है। शेष लापता पांच लोगों के लिए अभियान जारी है। 9 बिहार रेजीमेंट ने भी रेस्क्यू अभियान के संबंध में प्रेस रिलीज जारी की है।
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टीम में ये लोग शामिल
टीम के सदस्यों की पहचान दिल्ली की अनीता रावत (38), पश्चिम बंगाल के मिथुन दारी (31), तन्मय तिवारी (30), विकास मकल (33), सौरभ घोष (34), सावियन दास (28), रिचर्ड मंडल (30), सुकेन मांझी (43) के तौर पर हुई है। खाना पकाने वाले कर्मचारियों की पहचान देवेंद्र (37), ज्ञान चंद्र (33) और उपेंद्र (32) के रूप में हुई है। ये सभी उत्तरकाशी के पुरोला के रहने वाले हैं।
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