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पुरोला सीट पर भाजपा ने खेला बड़ा सियासी दांव
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भाजपा ने पुरोला विधानसभा सीट से दुर्गेश्वर लाल को चुनावी मैदान में उतारकर एक सियासी दांव खेला है। दुर्गेश्वर लाल प्रत्याशियों की घोषणा से कुछ घंटे पहले ही कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे। निवर्तमान विधायक राजकुमार पर क्षेत्र में कोई भी कार्य न करने एवं निष्क्रिय रहने के आरोप के चलते क्षेत्र में उनका विरोध हो रहा था। इसी को भांपते हुए भाजपा ने उन्हें टिकट की दौड़ से बाहर कर दिया। जबकि निवर्तमान विधायक ने हाल ही में कांग्रेस का साथ छोड़ भाजपा का दामन थामा था।
छह माह पहले भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए दुर्गेश लाल ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय में एक बार फिर भाजपा की सदस्यता हासिल कर टिकट भी हथिया लिया। जबकि इससे पूर्व कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक राजकुमार को टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। बुधवार शाम तक दुर्गेश्वर कांग्रेस से अपना टिकट पक्का मान रहे थे और बृहस्पतिवार को वह अचानक कांग्रेस को अलविदा कह कर पुन: भाजपा के हो गए।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां से मालचंद को मैदान में उतारा था, लेकिन मालचंद दूसरे स्थान पर रहे और कांग्रेस से राजकुमार चुनाव जीत गए। जन एकता मंच के प्रत्याशी दुर्गेश्वर लाल तीसरे स्थान पर रहे। दुर्गेश्वर ने वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव के समय भाजपा का दामन थाम लिया। दुर्गेश्वर लाल के भाजपा से टिकट मिलने से यहां अब मुकाबला दिलचस्प होने के आसार है। वहीं दुर्गेश्वर को टिकट मिलने के बाद अब संगठन के लिए पूर्व जिला अध्यक्ष अमीचंद शाह और 2017 में कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक राजेश जुवांठा को साथ ले कर चलना चुनौती भरा होगा। क्योंकि दोनों ही वरिष्ठ नेता टिकट की मांग कर रहे थे।
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छह माह पहले भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए दुर्गेश लाल ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय में एक बार फिर भाजपा की सदस्यता हासिल कर टिकट भी हथिया लिया। जबकि इससे पूर्व कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक राजकुमार को टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। बुधवार शाम तक दुर्गेश्वर कांग्रेस से अपना टिकट पक्का मान रहे थे और बृहस्पतिवार को वह अचानक कांग्रेस को अलविदा कह कर पुन: भाजपा के हो गए।
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वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां से मालचंद को मैदान में उतारा था, लेकिन मालचंद दूसरे स्थान पर रहे और कांग्रेस से राजकुमार चुनाव जीत गए। जन एकता मंच के प्रत्याशी दुर्गेश्वर लाल तीसरे स्थान पर रहे। दुर्गेश्वर ने वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव के समय भाजपा का दामन थाम लिया। दुर्गेश्वर लाल के भाजपा से टिकट मिलने से यहां अब मुकाबला दिलचस्प होने के आसार है। वहीं दुर्गेश्वर को टिकट मिलने के बाद अब संगठन के लिए पूर्व जिला अध्यक्ष अमीचंद शाह और 2017 में कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक राजेश जुवांठा को साथ ले कर चलना चुनौती भरा होगा। क्योंकि दोनों ही वरिष्ठ नेता टिकट की मांग कर रहे थे।
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