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पहले पैसे सरेंडर, अब निर्माण की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला उत्तरकाशी
Updated Sat, 19 Mar 2016 09:36 PM IST
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केंद्र पोषित वरुणावत पैकेज में शॉपिंग कांप्लैक्स के लिए मिला 1.02 करोड़ रुपये पालिका ने जमीन नहीं होने के कारण सरेंडर कर दिया था। अब पुन: उसी जगह पर जनता से उगाही कर कांप्लैक्स निर्माण की तैयारी पर सवाल उठ रहे हैं। विरोध के बावजूद पालिका ने प्रस्तावित कांप्लैक्स की दस दुकानों की नीलामी भी कर डाली।
वर्ष 2003 में वरुणावत भूस्खलन में दर्जनों बहुमंजिले भवनों के साथ पालिका का शॉपिंग कांप्लैक्स एवं कर्मचारी आवास भी ध्वस्त हो गया था। तब इसके पुनर्निर्माण के लिए वरुणावत पैकेज से पालिका को 1.61 करोड़ रुपये मुहैया कराए गए थे।
पालिका ने इसमें से 59 लाख रुपये खर्च कर कर्मचारी आवास तो बनाए, लेकिन शेष 1.02 करोड़ रुपये इस वजह से सरेंडर कर दिए कि कांप्लैक्स बनाने के लिए पालिका के पास जमीन उपलब्ध नहीं है। अब पालिका उसी जगह पर दोबारा कांप्लैक्स बनाने की तैयारी कर रही है।
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वरुणावत भूस्खलन से प्रभावित व्यापारियों को भी अभी तक दुकानें नहीं दी गई हैं। जियोग्रिड वाल के सामने प्रस्तावित शॉपिंग कांप्लैक्स में 40 दुकानें नीचे और 40 दूसरी मंजिल पर बनाई जानी हैं। पालिका ने इनमें से दस दुकानों की नीलामी भी कर दी है।
हाईवे के किनारे सब्जी मंडी का विरोध
होटल एसोसिएशन के अजय पुरी, शैलेंद्र मटूड़ा, दिपेंद्र पंवार, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आलेंद्र सिंह बिष्ट आदि ने गंगोत्री हाईवे के किनारे सब्जी मंडी का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि हाईवे के किनारे सब्जी मंडी से गंदगी फैल रही है, जिससे तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों में गलत संदेश जा रहा है। उन्होंने सब्जी मंडी को किसी और जगह व्यवस्थित ढंग से विकसित करने की मांग की।
वर्तमान सब्जी मंडी वाली जगह पर दो मंजिला कांप्लैक्स बनाया जाएगा। इसमें वरुणावत भूस्खलन प्रभावित व्यापारियों को भी दुकानें दी जाएगी। वरुणावत पैकेज का पैसा सरेंडर करने का मामला पुराना है। इसके बारे में जानकारी नहीं है।
सुशील कुमार कुरील, अधिशासी अधिकारी, पालिका उत्तरकाशी।
जियोग्रिड वाल के सामने गंगोत्री हाईवे के किनारे कोई निर्माण नहीं होगा। यहां से सब्जी मंडी को शिफ्ट किया जाना है। इस संबंध में पालिका प्रशासन से बात की जा रही है।
विनय शंकर पांडेय, डीएम, उत्तरकाशी।
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वर्ष 2003 में वरुणावत भूस्खलन में दर्जनों बहुमंजिले भवनों के साथ पालिका का शॉपिंग कांप्लैक्स एवं कर्मचारी आवास भी ध्वस्त हो गया था। तब इसके पुनर्निर्माण के लिए वरुणावत पैकेज से पालिका को 1.61 करोड़ रुपये मुहैया कराए गए थे।
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पालिका ने इसमें से 59 लाख रुपये खर्च कर कर्मचारी आवास तो बनाए, लेकिन शेष 1.02 करोड़ रुपये इस वजह से सरेंडर कर दिए कि कांप्लैक्स बनाने के लिए पालिका के पास जमीन उपलब्ध नहीं है। अब पालिका उसी जगह पर दोबारा कांप्लैक्स बनाने की तैयारी कर रही है।
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वरुणावत भूस्खलन से प्रभावित व्यापारियों को भी अभी तक दुकानें नहीं दी गई हैं। जियोग्रिड वाल के सामने प्रस्तावित शॉपिंग कांप्लैक्स में 40 दुकानें नीचे और 40 दूसरी मंजिल पर बनाई जानी हैं। पालिका ने इनमें से दस दुकानों की नीलामी भी कर दी है।
हाईवे के किनारे सब्जी मंडी का विरोध
होटल एसोसिएशन के अजय पुरी, शैलेंद्र मटूड़ा, दिपेंद्र पंवार, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आलेंद्र सिंह बिष्ट आदि ने गंगोत्री हाईवे के किनारे सब्जी मंडी का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि हाईवे के किनारे सब्जी मंडी से गंदगी फैल रही है, जिससे तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों में गलत संदेश जा रहा है। उन्होंने सब्जी मंडी को किसी और जगह व्यवस्थित ढंग से विकसित करने की मांग की।
वर्तमान सब्जी मंडी वाली जगह पर दो मंजिला कांप्लैक्स बनाया जाएगा। इसमें वरुणावत भूस्खलन प्रभावित व्यापारियों को भी दुकानें दी जाएगी। वरुणावत पैकेज का पैसा सरेंडर करने का मामला पुराना है। इसके बारे में जानकारी नहीं है।
सुशील कुमार कुरील, अधिशासी अधिकारी, पालिका उत्तरकाशी।
जियोग्रिड वाल के सामने गंगोत्री हाईवे के किनारे कोई निर्माण नहीं होगा। यहां से सब्जी मंडी को शिफ्ट किया जाना है। इस संबंध में पालिका प्रशासन से बात की जा रही है।
विनय शंकर पांडेय, डीएम, उत्तरकाशी।