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आशा सहयोगियों ने की यात्रा भत्ता बढ़ाने की मांग
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आशा सहयोगियों व कार्यकर्ता संगठन का कहना है कि उन्हें उनके कार्य के अनुसार सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से यात्रा के लिए दिए जाने वाले पैसे में बढ़ोतरी की मांग की है।
मंगलवार को संगठन की ओर से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और प्रदेश सरकार के अधीन 606 आशा सहयोगी हैं, जो प्रदेश में 11 हजार 226 आशाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका कहना है कि उन्हें दुर्गम क्षेत्रों में जाने के लिए पैदल भी चलना पड़ता है। ज्ञापन भेजने वालों में जिलाध्यक्ष किरण बिष्ट, मोनिका, देवेश्वरी, अंजू असवाल, दीपा भंडारी, आशा, शरादी नेगी, गीता गौड़, सुध, कुसुम, सुनीता, सीता परिहार, गंगोत्री आदि शामिल थे।
आशा सहयोगियों ने मांगा सम्मानजनक मानदेय
उत्तरकाशी। आशा सहयोगियों ने आवागमन व्यय में वृद्धि कर उनके परिश्रम के अनुसार सम्मान जनक मानदेय देने की मांग उठाई है। मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपा।
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संगठन की ओर से डीएम मयूर दीक्षित को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि जिले के अति दुर्गम क्षेत्रों तक पैदल आवाजाही कर वे सेवाएं दे रही हैं। इसके एवज में उन्हें महीने में सिर्फ 20 दिन महज 300 रुपये दैनिक मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने इसे बढ़ाकर 800 रुपये करने, 20 दिन के बजाय पूरे 30 दिन का मानदेय देने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में मंजू बलोनी, वीना शाह, सरिता रावत, शोभा परमार, रोशनी रावत, संगीता, दीपा परमार, मीना नौटियाल, रीना आदि शामिल रहे। संवाद
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मंगलवार को संगठन की ओर से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और प्रदेश सरकार के अधीन 606 आशा सहयोगी हैं, जो प्रदेश में 11 हजार 226 आशाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका कहना है कि उन्हें दुर्गम क्षेत्रों में जाने के लिए पैदल भी चलना पड़ता है। ज्ञापन भेजने वालों में जिलाध्यक्ष किरण बिष्ट, मोनिका, देवेश्वरी, अंजू असवाल, दीपा भंडारी, आशा, शरादी नेगी, गीता गौड़, सुध, कुसुम, सुनीता, सीता परिहार, गंगोत्री आदि शामिल थे।
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आशा सहयोगियों ने मांगा सम्मानजनक मानदेय
उत्तरकाशी। आशा सहयोगियों ने आवागमन व्यय में वृद्धि कर उनके परिश्रम के अनुसार सम्मान जनक मानदेय देने की मांग उठाई है। मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपा।
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संगठन की ओर से डीएम मयूर दीक्षित को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि जिले के अति दुर्गम क्षेत्रों तक पैदल आवाजाही कर वे सेवाएं दे रही हैं। इसके एवज में उन्हें महीने में सिर्फ 20 दिन महज 300 रुपये दैनिक मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने इसे बढ़ाकर 800 रुपये करने, 20 दिन के बजाय पूरे 30 दिन का मानदेय देने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में मंजू बलोनी, वीना शाह, सरिता रावत, शोभा परमार, रोशनी रावत, संगीता, दीपा परमार, मीना नौटियाल, रीना आदि शामिल रहे। संवाद