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Uttarkashi News: सेब काश्तकारों को नहीं मिल पा रही है पेटियां
Mon, 14 Jul 2025 04:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 14 Jul 2025 04:02 PM IST
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महंगे दामों पर बाजार से खरीदने के लिए हैं मजबूर
जल्द पेटियां नहीं मिलने से काश्तकारों ने दी आंदोलन की चेतावनी
नौगांव (उत्तरकाशी)। सेब का सीजन शुरू हो चुका है लेकिन धारी कफनौल क्षेत्र के सेब उत्पादकों को अभी तक रियायती दर पर मिलने वाली गत्ते की पेटियां नहीं मिल पाई है। उद्यान सचल दल केंद्र में भी अभी तक पेटियां नहीं पहुंच पाई है। समय पर पेटियां नहीं मिलने से सेब उत्पादकों ने विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया। उन्होंने जल्द पेटियां देने की मांग की है। साथ ही ऐसा नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
उद्यान विभाग काश्तकारों को हर वर्ष 50 प्रतिशत अनुदान पर गत्ते की पेटियां उपलब्ध करवाता है लेकिन उन्हें कभी भी समय पर नहीं मिल पाती है। ऐसे में काश्तकारों को बाजार से महंगे दाम पर पेटियां खरीदनी पड़ रही है। इस वर्ष भी अभी तक उद्यान सचल दल केंद्र धारी कफनौल और नौगांव में पेटियां नहीं पहुंच पाई है जबकि काश्तकारों ने अगेती प्रजाति के सेब की तुड़ान शुरू कर दी है।
किसान भूषण से सम्मानित काश्तकार जगमोहन राणा ने बताया कि रवांई घाटी की स्योरी फल पट्टी सहित धारी कफनौल क्षेत्र में बड़ी मात्रा में सेब की फसल का उत्पादन होता है। कई काश्तकारों की आजीविका सेब की फसल पर निर्भर है लेकिन सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाएं काश्तकारों को कभी भी समय पर नहीं मिल पाती हैं।
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इससे सेब काश्तकारों में भारी रोष है। उन्होंने उद्यान विभाग से जल्द ही सेब की पेटियां उपलब्ध कराने की मांग की। कहा कि यदि जल्द ही काश्तकारों को सेब की पेटियां उपलब्ध नहीं कि गई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर जगमोहन राणा, केदार सिंह, बलवीर सिंह, अरविंद सिंह, प्रदीप सिंह आदि मौजूद रहे। वहीं नौगांव उद्यान सचल दल केंद्र के प्रभारी हरपाल राणा का कहना है कि नौगांव केंद्र से साठ हजार पेटियों की डिमांड की गई है जो एक-दो दिन में मिल जाएगी। पेटियों का आवंटन शुरू कर दिया जाएगा।
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जल्द पेटियां नहीं मिलने से काश्तकारों ने दी आंदोलन की चेतावनी
नौगांव (उत्तरकाशी)। सेब का सीजन शुरू हो चुका है लेकिन धारी कफनौल क्षेत्र के सेब उत्पादकों को अभी तक रियायती दर पर मिलने वाली गत्ते की पेटियां नहीं मिल पाई है। उद्यान सचल दल केंद्र में भी अभी तक पेटियां नहीं पहुंच पाई है। समय पर पेटियां नहीं मिलने से सेब उत्पादकों ने विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया। उन्होंने जल्द पेटियां देने की मांग की है। साथ ही ऐसा नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
उद्यान विभाग काश्तकारों को हर वर्ष 50 प्रतिशत अनुदान पर गत्ते की पेटियां उपलब्ध करवाता है लेकिन उन्हें कभी भी समय पर नहीं मिल पाती है। ऐसे में काश्तकारों को बाजार से महंगे दाम पर पेटियां खरीदनी पड़ रही है। इस वर्ष भी अभी तक उद्यान सचल दल केंद्र धारी कफनौल और नौगांव में पेटियां नहीं पहुंच पाई है जबकि काश्तकारों ने अगेती प्रजाति के सेब की तुड़ान शुरू कर दी है।
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किसान भूषण से सम्मानित काश्तकार जगमोहन राणा ने बताया कि रवांई घाटी की स्योरी फल पट्टी सहित धारी कफनौल क्षेत्र में बड़ी मात्रा में सेब की फसल का उत्पादन होता है। कई काश्तकारों की आजीविका सेब की फसल पर निर्भर है लेकिन सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाएं काश्तकारों को कभी भी समय पर नहीं मिल पाती हैं।
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इससे सेब काश्तकारों में भारी रोष है। उन्होंने उद्यान विभाग से जल्द ही सेब की पेटियां उपलब्ध कराने की मांग की। कहा कि यदि जल्द ही काश्तकारों को सेब की पेटियां उपलब्ध नहीं कि गई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर जगमोहन राणा, केदार सिंह, बलवीर सिंह, अरविंद सिंह, प्रदीप सिंह आदि मौजूद रहे। वहीं नौगांव उद्यान सचल दल केंद्र के प्रभारी हरपाल राणा का कहना है कि नौगांव केंद्र से साठ हजार पेटियों की डिमांड की गई है जो एक-दो दिन में मिल जाएगी। पेटियों का आवंटन शुरू कर दिया जाएगा।