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देश के पहले न्यू जनरेशन ब्रिज का वार्षिक मेंटेनेंस काम हुआ पूरा
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गंगोत्री हाईवे पर गंगोरी में भागीरथी नदी पर निर्मित देश के पहले न्यू जनरेशन ब्रिज का वार्षिक अनुरक्षण (मेंटेनेंस) का काम पूरा हो गया। रविवार को बीआरओ ने चारधाम यात्रा शुरू होने से एक दिन पहले पुल की मेंटेनेंस कर सुरक्षा परखी।
सीमांत जनपद उत्तरकाशी में भागीरथी नदी पर बना पुल देश को चीन सीमा से जोड़ता है। वर्ष 2012 में असीगंगा नदी में आई बाढ़ में यहां पर बना पुल ध्वस्त हो गया था, जिसके बाद सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने बेली ब्रिज का निर्माण कराया। लेकिन वर्ष 2017-18 में दो बार ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही के दौरान यह बेली ब्रिज ध्वस्त हो गए थे, जिसके बाद यहां देश का पहला न्यू जनरेशन ब्रिज (प्रोटेबल मॉड्यूलर) लगाया गया। पूर्व में बेली ब्रिज टूटने की घटनाओं के बाद से बीआरओ यहां नियमित और वार्षिक अनुरक्षण का काम करता है।
रविवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में चारधाम यात्रा शुरू होने से एक दिन पूर्व सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक बीआरओ ने पुल पर लगी प्लेटों को खोलकर प्रत्येक नट-बोल्ट को चेक किया। इस दौरान पुल के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रोकी गई थी, जिसे मेंटेनेंस काम पूरा होने के दोपहर बाद बहाल कर दिया गया। बीआरओ के मेजर वीएस वीनू ने बताया कि 190 फीट लंबे और 4.5 मीटर चौड़े ब्रिज की भार वहन क्षमता 70 टन है। आवश्यकता पड़ने पर इस ब्रिज को फोल्ड कर कहीं भी ले जाया जा सकता है।
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सीमांत जनपद उत्तरकाशी में भागीरथी नदी पर बना पुल देश को चीन सीमा से जोड़ता है। वर्ष 2012 में असीगंगा नदी में आई बाढ़ में यहां पर बना पुल ध्वस्त हो गया था, जिसके बाद सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने बेली ब्रिज का निर्माण कराया। लेकिन वर्ष 2017-18 में दो बार ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही के दौरान यह बेली ब्रिज ध्वस्त हो गए थे, जिसके बाद यहां देश का पहला न्यू जनरेशन ब्रिज (प्रोटेबल मॉड्यूलर) लगाया गया। पूर्व में बेली ब्रिज टूटने की घटनाओं के बाद से बीआरओ यहां नियमित और वार्षिक अनुरक्षण का काम करता है।
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रविवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में चारधाम यात्रा शुरू होने से एक दिन पूर्व सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक बीआरओ ने पुल पर लगी प्लेटों को खोलकर प्रत्येक नट-बोल्ट को चेक किया। इस दौरान पुल के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रोकी गई थी, जिसे मेंटेनेंस काम पूरा होने के दोपहर बाद बहाल कर दिया गया। बीआरओ के मेजर वीएस वीनू ने बताया कि 190 फीट लंबे और 4.5 मीटर चौड़े ब्रिज की भार वहन क्षमता 70 टन है। आवश्यकता पड़ने पर इस ब्रिज को फोल्ड कर कहीं भी ले जाया जा सकता है।
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