Uttarkashi: पिता की मौत के दो दिन बाद उनका सपना पूरा करने निकली अंजलि, पढ़िए इस मेधावी बेटी की कहानी
अंजलि के पिता की मौत की सूचना पर प्रधानाचार्य सेमवाल अपने साथी शिक्षक धीरेंद्र चमोली के साथ अंजलि के घर गए। घर का माहौल देख अंजलि के प्रतियोगिता में प्रतिभाग को लेकर भी मन में संशय पैदा हुआ। सेमवाल ने बताया कि जब वह अंजलि के घर से लौट रहे थे तो उसने कहा के वह 14 नवंबर से आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में हिस्सा करेगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सड़क दुर्घटना में पिता की मौत का दुख भी कक्षा 12 की छात्रा अंजलि का विद्यालय व जनपद के लिए कबड्डी खेलने का जुनून व समर्पण कम नहीं कर पाया। 11 नवंबर को अंजलि के पिता की मृत्यु हो गई थी। बावजूद इसके अंजलि 14 नवंबर से शुरू होने वाली राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही हैं। अंजलि इस प्रतियोगिता में उत्तरकाशी जनपद टीम की कप्तान भी हैं।
कहते हैं कि जब आत्मबल ऊंचा हो और कुछ करने का जुनून हो तो विपरीत परिस्थितियां भी इंसान को मजबूत बनाती हैं। जीआईसी नेटवाड़ मोरी की छात्रा अंजलि ने इसे चरितार्थ किया है। 11 नंबवर को मोरी क्षेत्र में हुई वाहन दुर्घटना में अंजलि के पिता विजय कुमार की मौत हो गई थी। जीआईसी नेटवाड़ के प्रधानाचार्य पीएल सेमवाल ने बताया कि उनके विद्यालय से तीन छात्राएं अंजलि, करिश्मा व बालेश्वरी का चयन राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता के लिए उत्तरकाशी जनपद की बालिका टीम में हुआ है। अंजलि जनपद टीम की कप्तान बनाई गईं हैं।
प्रधानाचार्य सेमवाल ने बताया कि अंजलि के पिता की मौत की सूचना पर वह अपने साथी शिक्षक धीरेंद्र चमोली के साथ अंजलि के घर गए। घर का माहौल देख अंजलि के प्रतियोगिता में प्रतिभाग को लेकर भी मन में संशय पैदा हुआ। सेमवाल ने बताया कि जब वह अंजलि के घर से लौट रहे थे तो उसने कहा के वह 14 नवंबर से आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में हिस्सा करेगी।
सबके लिए प्रेरणा
उसके इस साहस पर अंजलि की दादी ने भी समर्थन करते हुए कहा कि बेटी तू जरूर जा, जाने वाला चला गया, तू अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़। सेमवाल ने कहा कि एक बेटी का विद्यालय व जनपद के लिए खेलने के प्रति जुनून, समर्पण व दादी का उसे प्रेरित करना हमारे लिए प्रेरणा है।
ये भी पढ़ें...Jawaharlal Nehru: मसूरी को अपना दूसरा घर मानते थे नेहरू, जन्मपत्री बनवाने सहित कई किस्से हैं यहां से जुड़े
पढ़ने में भी मेधावी हैं अंजलि
प्रधानाचार्य पीएल सेमवाल ने बताया कि अंजलि पढ़ने में भी अव्वल है। उत्तराखंड बोर्ड की कक्षा 10 की परीक्षा में अंजलि ने 92 फीसदी अंक प्राप्त किए। अंजलि पूर्व में भी कई राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं। प्रधानाचार्य सेमवाल ने बताया कि विद्यालय में व्यायाम शिक्षक न होने पर अंजलि अन्य छात्र-छात्राओं को खेलों के प्रति प्रेरित करती हैं।