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निर्माण कार्यों में अनियमितता बरतने का आरोप
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मोरी ब्लाक के देवजानी गांव के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर निर्माण कार्यों में भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
जिलाधिकारी को लिखे पत्र में ग्रामीणों ने कहा है कि गांव में ग्राम प्रधान द्वारा निर्माण कार्यों में भारी धांधली की जा रही है। एक ही कार्य को कई मदों में फर्जी दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा में किए गए कार्यों की दोबारा एमबी करवाकर राज्य वित, 14वां, 15वां वित्त सहित जलागम में भी दिखाया गया है। इतना ही नहीं गांव में जलागम द्वारा करीब 8 लाख की लागत से 14 हेक्टेयर भूमि पर बागवानी लगाई गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जलागम द्वारा पेयजल स्रोतों की मरम्मत के लिए स्वीकृत धनराशि की भी प्रधान ने बंदरबांट कर अपने रिश्तेदारों के बागीचों में खर्च कर दी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार में गांव को मिली धनराशि को भी ग्राम प्रधान ने गबन कर दिया। इस धनराशि से कोई भी कार्य गांव में नहीं किया गया है। पत्र में विनोद चौहान, कुलदेव सिंह, आशाराम, सूरज, विजय, राजेंद्र, महादेव आदि के हस्ताक्षर हैं। ग्राम प्रधान बबीता देवी से काफी संपर्क करने पर भी संपर्क नही हो पाया। प्रधान पति जोगिंदर सिंह ने कहा कि कि सभी आरोप निराधार है। उन्होंने कहा कि जल मिशन के तहत घर-घर नल योजना में सामान गांव पहुंच चुका है और निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार में 25 लाख की धनराशि प्राप्त होनी थी, लेकिन कोविड के कारण केवल 8 लाख ही मिले हैं जो ग्राम पंचायत के खाते में जमा हैं।
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जिलाधिकारी को लिखे पत्र में ग्रामीणों ने कहा है कि गांव में ग्राम प्रधान द्वारा निर्माण कार्यों में भारी धांधली की जा रही है। एक ही कार्य को कई मदों में फर्जी दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा में किए गए कार्यों की दोबारा एमबी करवाकर राज्य वित, 14वां, 15वां वित्त सहित जलागम में भी दिखाया गया है। इतना ही नहीं गांव में जलागम द्वारा करीब 8 लाख की लागत से 14 हेक्टेयर भूमि पर बागवानी लगाई गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जलागम द्वारा पेयजल स्रोतों की मरम्मत के लिए स्वीकृत धनराशि की भी प्रधान ने बंदरबांट कर अपने रिश्तेदारों के बागीचों में खर्च कर दी।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार में गांव को मिली धनराशि को भी ग्राम प्रधान ने गबन कर दिया। इस धनराशि से कोई भी कार्य गांव में नहीं किया गया है। पत्र में विनोद चौहान, कुलदेव सिंह, आशाराम, सूरज, विजय, राजेंद्र, महादेव आदि के हस्ताक्षर हैं। ग्राम प्रधान बबीता देवी से काफी संपर्क करने पर भी संपर्क नही हो पाया। प्रधान पति जोगिंदर सिंह ने कहा कि कि सभी आरोप निराधार है। उन्होंने कहा कि जल मिशन के तहत घर-घर नल योजना में सामान गांव पहुंच चुका है और निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार में 25 लाख की धनराशि प्राप्त होनी थी, लेकिन कोविड के कारण केवल 8 लाख ही मिले हैं जो ग्राम पंचायत के खाते में जमा हैं।
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