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भूंकप, वनाग्नि की सूचना पर हरकत में आया प्रशासन
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उत्तरकाशी में मॉक ड्रिल के दौरान घायलों को निकालती एसडीआरएफ की टीम।
- फोटो : UTTER KASHI
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आगामी चारधाम यात्रा व मानसून सीजन को लेकर जिला प्रशासन ने शहर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल की। इस दौरान जीआईसी गंगोरी में भूकंप, तेखला में वनाग्नि और भूस्खलन की सूचना पर विभिन्न विभागों के अधिकारी आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे। जहां से घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शुक्रवार को जिला आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) के तहत आपदा से निपटने की तैयारियां परखी गईं। इस दौरान जिला सभागार में सीडीओ गौरव कुमार की अध्यक्षता में कार्यशाला हुई, वहीं विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय पर बनाए गए स्टेजिंग एरिया रामलीला मैदान में विभिन्न विभागों के संसाधन एकत्रित कर वहां से घटना स्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम दिया गया। इस दौरान कुल चार व्यक्ति घायल हुए, जिनमें से दो गंभीर घायलों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। दो सामान्य घायलों का उपचार किया गया। वनाग्नि में 1.5 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित हुई। इस मौके पर डीएफओ पुनीत तोमर, एडीएम तीर्थपाल सिंह, एसडीएम डुंडा मीनाक्षी पटवाल, जिला विकास अधिकारी केके पंत, डीएसटीओ चेतना अरोड़ा, ईई विद्युत मनोज गुसाईं, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल आदि मौजूद रहे।
जंगलों में लगी असली आग और बुझा रहे नकली
जिला प्रशासन की ओर से मॉक ड्रिल के तहत जंगल की आग भी बुझाई गई लेकिन जिले में वर्तमान में कई जगहों पर जंगल जल रहे हैं। ऐसे में अधिकारी-कर्मचारियों के नकली आग बुझाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। बीते रात जिला मुख्यालय से लगे बोंगा गांव में जंगल धू-धूकर जलता रहा, लेकिन वनकर्मी कहीं नजर नहीं आए, जिसमें कई हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ। दिन में भी यहां कुछ क्षेत्रों में आग लगी रही।
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शुक्रवार को जिला आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) के तहत आपदा से निपटने की तैयारियां परखी गईं। इस दौरान जिला सभागार में सीडीओ गौरव कुमार की अध्यक्षता में कार्यशाला हुई, वहीं विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय पर बनाए गए स्टेजिंग एरिया रामलीला मैदान में विभिन्न विभागों के संसाधन एकत्रित कर वहां से घटना स्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम दिया गया। इस दौरान कुल चार व्यक्ति घायल हुए, जिनमें से दो गंभीर घायलों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। दो सामान्य घायलों का उपचार किया गया। वनाग्नि में 1.5 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित हुई। इस मौके पर डीएफओ पुनीत तोमर, एडीएम तीर्थपाल सिंह, एसडीएम डुंडा मीनाक्षी पटवाल, जिला विकास अधिकारी केके पंत, डीएसटीओ चेतना अरोड़ा, ईई विद्युत मनोज गुसाईं, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल आदि मौजूद रहे।
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जंगलों में लगी असली आग और बुझा रहे नकली
जिला प्रशासन की ओर से मॉक ड्रिल के तहत जंगल की आग भी बुझाई गई लेकिन जिले में वर्तमान में कई जगहों पर जंगल जल रहे हैं। ऐसे में अधिकारी-कर्मचारियों के नकली आग बुझाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। बीते रात जिला मुख्यालय से लगे बोंगा गांव में जंगल धू-धूकर जलता रहा, लेकिन वनकर्मी कहीं नजर नहीं आए, जिसमें कई हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ। दिन में भी यहां कुछ क्षेत्रों में आग लगी रही।
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