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डाक विभाग की नई पॉलिसी बनी मुसीबत
Uttar Kashi
Updated Thu, 05 Dec 2013 05:44 AM IST
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पुरोला। डाक विभाग की नई योजना लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। इससे गंतव्य तक डाक पहुंचने में महीनों में लग रहे हैं, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भारतीय डाक विभाग की नई योजना में कई खामियां है। पुरोला से मोरी भेजी जानी वाली डाक पहले सहारनपुर जा रही है और वहां से फिर हरिद्वार पहुंचती है। हरिद्वार से उत्तरकाशी होते हुए डाक आठ दिन बाद मोरी पहुंच रही है जबकि पुरोला से मोरी तक बस का सफर मात्र दो घंटे का है। यही हाल पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग एवं देहरादून भेजी जाने वाली डाक का है। ये सभी डाक पहले सहारनपुर भेजी जा रही है। ऐसे में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें कई दिनों तक डाक का इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बावजूद डाक विभाग के अधिकारी भी नियमों का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
कोट....
आपदा के कारण पहाड़ों में सड़क मार्ग अवरुद्ध रहने से डाक के गंतव्य तक पहुंचने में महीनों लग जाते हैं, लेकिन डाक विभाग की नई पॉलिसी से यह समस्या और अधिक बढ़ गई है। इससे सबसे अधिक खामियाजा बेरोजगारों को उठाना पड़ रहा है। उनके प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन पत्र समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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त्रिभुवन सिंह राणा, अध्यक्ष प्रशिक्षित बेरोजगार संघ पुरोला।
कोट.....
भारतीय डाक विभागके निदेशालय की ओर से यह नई पॉलिसी बनाई गई है। इसे एक वर्ष का समय हो गया है। वास्तव में पहाड़ी क्षेत्र के लिए यह हितकारी नहीं है। इस संबंध में निदेशालय को अवगत करा दिया गया है।
वाईएस असवाल, सहायक अधीक्षक चीफ पोस्ट मास्टर जनरल देहरादून।
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भारतीय डाक विभाग की नई योजना में कई खामियां है। पुरोला से मोरी भेजी जानी वाली डाक पहले सहारनपुर जा रही है और वहां से फिर हरिद्वार पहुंचती है। हरिद्वार से उत्तरकाशी होते हुए डाक आठ दिन बाद मोरी पहुंच रही है जबकि पुरोला से मोरी तक बस का सफर मात्र दो घंटे का है। यही हाल पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग एवं देहरादून भेजी जाने वाली डाक का है। ये सभी डाक पहले सहारनपुर भेजी जा रही है। ऐसे में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें कई दिनों तक डाक का इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बावजूद डाक विभाग के अधिकारी भी नियमों का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
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आपदा के कारण पहाड़ों में सड़क मार्ग अवरुद्ध रहने से डाक के गंतव्य तक पहुंचने में महीनों लग जाते हैं, लेकिन डाक विभाग की नई पॉलिसी से यह समस्या और अधिक बढ़ गई है। इससे सबसे अधिक खामियाजा बेरोजगारों को उठाना पड़ रहा है। उनके प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन पत्र समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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त्रिभुवन सिंह राणा, अध्यक्ष प्रशिक्षित बेरोजगार संघ पुरोला।
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भारतीय डाक विभागके निदेशालय की ओर से यह नई पॉलिसी बनाई गई है। इसे एक वर्ष का समय हो गया है। वास्तव में पहाड़ी क्षेत्र के लिए यह हितकारी नहीं है। इस संबंध में निदेशालय को अवगत करा दिया गया है।
वाईएस असवाल, सहायक अधीक्षक चीफ पोस्ट मास्टर जनरल देहरादून।