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आपदा के चार महीने बाद भी पानी के लिए हाहाकार
Uttar Kashi
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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उत्तरकाशी। आपदा के चार महीने बाद भी जिला मुख्यालय में पेयजल के लिए हाहाकार बना हुआ है।
असी गंगा की बाढ़ में बहे नगर की दो पेयजल के स्रोत अब तक ठीक नहीं हो पाए हैं। मुख्यमंत्री ने पेयजल की समस्या का हल निकालने के लिए यहां चार ट्यूबवेल लगाने की घोषणा तो की किंतु इसके बजट का हिसाब किताब लगाने के सिवाय बात आगे नहीं बढ़ी। नगर की पेयजल आपूर्ति के लिए असी गंगा से 8 इंची तथा 4 इंची की दो पुरानी पेयजल योजना के स्रोत अगस्त की बाढ़ में बह गए। विभाग की मुख्यालय सहित जिले में 285 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई किंतु पैसा 80 योजनाओं के लिए ही मिला। स्थिति यह है कि कोहरी गाड स्रोत से 8 तथा 10 इंची पाइप लाइन काम चलाऊ मरम्मत कर नगर के लिए थोड़ा पानी पहुंच रहा है। कुछ घंटों के लिए ही नलों में पानी आने तथा मकान के दूसरी तीसरी मंजिल में पानी न पहुंचने से कई लोगों को तो अपनी जरूरत का पानी जुटाने के लिए मजदूर रखने पड़ रहे हैं।
पेयजल की समस्या का नहीं हो रहा हल
उत्तरकाशी। जल संस्थान के ईई आरएस नेगी ने स्वीकार किया कि बिना बजट के जिला मुख्यालय की पेयजल की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री ने जोशियाड़ा सहित उत्तरकाशी नगर क्षेत्र की पेयजल की समस्या के निदान के लिए ट्यूब वेल की घोषणा की है। इसका सर्वे करके 4.30 करोड़ आगणन तैयार कर लिया है। इसमें 2 ट्यूबवेल केदार घाट के पास तथा एक उत्तरकाशी तथा एक ज्ञानसू में लगाया जाएगा। पर्याप्त मात्रा तथा कम गहराई पर भूजल की उपलब्धता से यह योजना उत्तरकाशी की पेयजल की जरूरत को पूरा करेगी।
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असी गंगा की बाढ़ में बहे नगर की दो पेयजल के स्रोत अब तक ठीक नहीं हो पाए हैं। मुख्यमंत्री ने पेयजल की समस्या का हल निकालने के लिए यहां चार ट्यूबवेल लगाने की घोषणा तो की किंतु इसके बजट का हिसाब किताब लगाने के सिवाय बात आगे नहीं बढ़ी। नगर की पेयजल आपूर्ति के लिए असी गंगा से 8 इंची तथा 4 इंची की दो पुरानी पेयजल योजना के स्रोत अगस्त की बाढ़ में बह गए। विभाग की मुख्यालय सहित जिले में 285 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई किंतु पैसा 80 योजनाओं के लिए ही मिला। स्थिति यह है कि कोहरी गाड स्रोत से 8 तथा 10 इंची पाइप लाइन काम चलाऊ मरम्मत कर नगर के लिए थोड़ा पानी पहुंच रहा है। कुछ घंटों के लिए ही नलों में पानी आने तथा मकान के दूसरी तीसरी मंजिल में पानी न पहुंचने से कई लोगों को तो अपनी जरूरत का पानी जुटाने के लिए मजदूर रखने पड़ रहे हैं।
पेयजल की समस्या का नहीं हो रहा हल
उत्तरकाशी। जल संस्थान के ईई आरएस नेगी ने स्वीकार किया कि बिना बजट के जिला मुख्यालय की पेयजल की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री ने जोशियाड़ा सहित उत्तरकाशी नगर क्षेत्र की पेयजल की समस्या के निदान के लिए ट्यूब वेल की घोषणा की है। इसका सर्वे करके 4.30 करोड़ आगणन तैयार कर लिया है। इसमें 2 ट्यूबवेल केदार घाट के पास तथा एक उत्तरकाशी तथा एक ज्ञानसू में लगाया जाएगा। पर्याप्त मात्रा तथा कम गहराई पर भूजल की उपलब्धता से यह योजना उत्तरकाशी की पेयजल की जरूरत को पूरा करेगी।
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