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सीएम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की आपदा पूर्व तैयारियों की समीक्षा
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उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मानसून सीजन से पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान डीएम ने जिले में आपदा से निपटने की तैयारियों के बारे में जानकारी दी।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आपदा प्रबंधन की समीक्षा करते हुए सीएम ने अधिकारियों को बरसात से पूर्व तैयारियां पूरी करने को कहा। उन्होंने कहा कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सड़क बंद होने की स्थिति को देखते हुए मौके पर मशीन आदि संसाधन तैनात किए जाएं। सड़कें बंद होने से अलग-थलग पड़ने वाले दूरस्थ गांवों में रसद एवं ईंधन का भंडारण पहले ही कर लिया जाए। एडीएम हेमंत वर्मा ने बताया कि जिले में आपदा से निपटने की तैयारी पूरी कर ली गई है। दो बेली ब्रिज भी रखे गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर इन्हें लगाकर यातायात बहाल किया जा सके। संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावितों को ठहराने के लिए विद्यालय भवन चिह्नित किए गए हैं। जिले में 15 हेलीपैड हैं और इनके अलावा 35 विद्यालयों के मैदानों को भी हेलीपैड के तौर पर इस्तेमाल के लिए चिह्नित किया गया है। जिले में एसडीआरएफ की सात टीमें तैनात की गई हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान पुलिस उपाधीक्षक कमल सिंह पंवार, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, एनएच के ईई नवनीत पांडेय, पूर्ति अधिकारी गोपाल मटूड़ा, बीआरओ के कमान अधिकारी मेजर सत्यजीत मोहंती आदि अधिकारी मौजूद रहे।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आपदा प्रबंधन की समीक्षा करते हुए सीएम ने अधिकारियों को बरसात से पूर्व तैयारियां पूरी करने को कहा। उन्होंने कहा कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सड़क बंद होने की स्थिति को देखते हुए मौके पर मशीन आदि संसाधन तैनात किए जाएं। सड़कें बंद होने से अलग-थलग पड़ने वाले दूरस्थ गांवों में रसद एवं ईंधन का भंडारण पहले ही कर लिया जाए। एडीएम हेमंत वर्मा ने बताया कि जिले में आपदा से निपटने की तैयारी पूरी कर ली गई है। दो बेली ब्रिज भी रखे गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर इन्हें लगाकर यातायात बहाल किया जा सके। संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावितों को ठहराने के लिए विद्यालय भवन चिह्नित किए गए हैं। जिले में 15 हेलीपैड हैं और इनके अलावा 35 विद्यालयों के मैदानों को भी हेलीपैड के तौर पर इस्तेमाल के लिए चिह्नित किया गया है। जिले में एसडीआरएफ की सात टीमें तैनात की गई हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान पुलिस उपाधीक्षक कमल सिंह पंवार, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, एनएच के ईई नवनीत पांडेय, पूर्ति अधिकारी गोपाल मटूड़ा, बीआरओ के कमान अधिकारी मेजर सत्यजीत मोहंती आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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