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ट्रैकिंग एजेंसी ने सेना के पर्वतारोही दल पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप
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उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय स्थित एक ट्रेकिंग एजेंसी के मालिक ने केदार डोम अभियान पर गए सेना के पर्वतारोही दल पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। एजेंसी मालिक ने सेना के अधिकारी के खिलाफ थाने में तहरीर देने के साथ ही थल सेनाध्यक्ष को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जबकि सेना के अधिकारी ने आरोपों को निराधार बताते हुए उच्चाधिकारियों के आदेश पर अग्रिम कार्रवाई की बात कही है।
बीते 29 मई को सेना की मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजीमेंट का एक पर्वतारोही दल केदार डोम अभियान के लिए गया था। इसके लिए स्नो स्पाइडर ट्रेक एंड टूर एजेंसी ने पोर्टर व गाइड मुहैया कराए थे। इस 19 दिवसीय अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद दल 16 जून को उत्तरकाशी लौटा। एजेंसी के मालिक भागवत सेमवाल ने आरोप लगाया कि लौटने पर अभियान दल के लीडर ने अनुबंध में तय की गई धनराशि देने से मना कर दिया। उन्होंने इस संबंध में बृहस्पतिवार को उत्तरकाशी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। साथ ही थल सेनाध्यक्ष को भी पत्र लिखकर सेना के अधिकारी मेजर विकास शुक्ला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सेमवाल ने बताया कि अनुबंध के अनुसार सेना के दल को 352210 रुपये का भुगतान करना था, लेकिन अब वह तय धनराशि देने से इंकार कर रहे हैं, जबकि अभियान की शुरुआत में उनकी ओर से दिया गया एडवांस चेक भी बाउंस हो गया है। सेना के अधिकारी ने उनका काफी सामान भी अपने पास जब्त कर लिया है, जिसके चलते उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस संबंध में पर्वतारोही दल के लीडर मेजर विकास शुक्ला ने बताया कि एजेंसी के मालिक की ओर से भेजे गए लोगों ने उनके अभियान को विफल करने का प्रयास किया। इसके बावजूद वह एजेंसी को तय मानकों के अनुसार भुगतान करने को तैयार हैं, लेकिन एजेंसी की ओर से अधिक धनराशि की मांग की जा रही है। साथ ही सेना की छवि खराब करने के लिए बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में हेड क्वाटर की तरफ से आदेश मिलने के बाद वह जरूरी कदम उठाएंगे। थानाध्यक्ष महादेव उनियाल ने बताया कि इस संबंध में मिली तहरीर पर जांच की जा रही है। जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
बीते 29 मई को सेना की मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजीमेंट का एक पर्वतारोही दल केदार डोम अभियान के लिए गया था। इसके लिए स्नो स्पाइडर ट्रेक एंड टूर एजेंसी ने पोर्टर व गाइड मुहैया कराए थे। इस 19 दिवसीय अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद दल 16 जून को उत्तरकाशी लौटा। एजेंसी के मालिक भागवत सेमवाल ने आरोप लगाया कि लौटने पर अभियान दल के लीडर ने अनुबंध में तय की गई धनराशि देने से मना कर दिया। उन्होंने इस संबंध में बृहस्पतिवार को उत्तरकाशी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। साथ ही थल सेनाध्यक्ष को भी पत्र लिखकर सेना के अधिकारी मेजर विकास शुक्ला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सेमवाल ने बताया कि अनुबंध के अनुसार सेना के दल को 352210 रुपये का भुगतान करना था, लेकिन अब वह तय धनराशि देने से इंकार कर रहे हैं, जबकि अभियान की शुरुआत में उनकी ओर से दिया गया एडवांस चेक भी बाउंस हो गया है। सेना के अधिकारी ने उनका काफी सामान भी अपने पास जब्त कर लिया है, जिसके चलते उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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इस संबंध में पर्वतारोही दल के लीडर मेजर विकास शुक्ला ने बताया कि एजेंसी के मालिक की ओर से भेजे गए लोगों ने उनके अभियान को विफल करने का प्रयास किया। इसके बावजूद वह एजेंसी को तय मानकों के अनुसार भुगतान करने को तैयार हैं, लेकिन एजेंसी की ओर से अधिक धनराशि की मांग की जा रही है। साथ ही सेना की छवि खराब करने के लिए बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में हेड क्वाटर की तरफ से आदेश मिलने के बाद वह जरूरी कदम उठाएंगे। थानाध्यक्ष महादेव उनियाल ने बताया कि इस संबंध में मिली तहरीर पर जांच की जा रही है। जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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