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महिलाओं ने लिया नशाखोरी और घरेलू हिंसा के खिलाफ जनांदोलन शुरू करने का संकल्प
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पुरोला (उत्तरकाशी)। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत नगर के खाबलीसेरा क्षेत्र में नशाखोरी व घरेलू हिंसा को लेकर गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने नशामुक्ति व समाज सुधार को लेकर जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया।
मां कल्याणकारी समिति के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने क्षेत्र में फैल रही नशाखोरी पर चिंता जाहिर की। वक्ताओं ने कहा कि कई असामाजिक तत्व क्षेत्र में खुलेआम शराब, चरस, स्मैक आदि नशीले पदार्थों की बिक्री कर रहे हैं। यह लोग स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही स्कूल व कॉलेजों के बच्चों को भी अपना शिकार बनाकर उन्हें नशे के दलदल में धकेल रहे हैं, जिससे युवाओं का भविष्य अंधकार में डूब गया है। आलम यह है कि बच्चे, युवा और बड़े सभी लोग अपनी पढ़ाई व काम धंधे को छोड़कर दिनभर नशे में डूबे रहते हैं, जबकि शाम होते ही जगह-जगह नशेड़ियों के झुंड हुड़दंग मचाने लगते हैं। वहीं महामारी की तरह फैल रही नशाखोरी का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं पर पड़ रहा है, जिन्हें घरेलू हिंसा व आर्थिक तंगी के कारण भारी परेशानियां उठानी पड़ रही है। हालांकि इस बढ़ती समस्या से निपटने के लिए अब मां कल्याणकारी समिति ने जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रत्येक गांव में जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही नशा परोसने वाले व नशा करने वालों का सामाजिक बहिष्कार कर उनके ऊपर आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त समिति द्वारा पीड़ित महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भी कार्य किया जाएगा। इस मौके पर कुमारी देवी, अंबिका देवी, सुलोचना देवी, रेखा रावत, मनीता,अतरी देवी, मीना देवी, हिवला देवी आदि मौजूद थे।
कोट
पुरोला क्षेत्र में नशाखोरी एक बड़ी समस्या बन गई है, जिससे निपटने के लिए अब महिलाओं को ही एकजुट होकर जन आंदोलन करना होगा। प्रशासन व पुलिस को भी महिलाओं का समर्थन करते हुए नशे की तस्करी व बिक्री करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। - सुशीला शर्मा, अध्यक्ष, मां कल्याणकारी समिति।
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नशाखोरी के कारण महिलाओं को घरेलू हिंसा व आर्थिकी तंगी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका निस्तारण करने के लिए समिति ने जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ ही नशेड़ियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। - मीना सेमवाल, सचिव, मां कल्याणकारी समिति।
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मां कल्याणकारी समिति के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने क्षेत्र में फैल रही नशाखोरी पर चिंता जाहिर की। वक्ताओं ने कहा कि कई असामाजिक तत्व क्षेत्र में खुलेआम शराब, चरस, स्मैक आदि नशीले पदार्थों की बिक्री कर रहे हैं। यह लोग स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही स्कूल व कॉलेजों के बच्चों को भी अपना शिकार बनाकर उन्हें नशे के दलदल में धकेल रहे हैं, जिससे युवाओं का भविष्य अंधकार में डूब गया है। आलम यह है कि बच्चे, युवा और बड़े सभी लोग अपनी पढ़ाई व काम धंधे को छोड़कर दिनभर नशे में डूबे रहते हैं, जबकि शाम होते ही जगह-जगह नशेड़ियों के झुंड हुड़दंग मचाने लगते हैं। वहीं महामारी की तरह फैल रही नशाखोरी का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं पर पड़ रहा है, जिन्हें घरेलू हिंसा व आर्थिक तंगी के कारण भारी परेशानियां उठानी पड़ रही है। हालांकि इस बढ़ती समस्या से निपटने के लिए अब मां कल्याणकारी समिति ने जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रत्येक गांव में जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही नशा परोसने वाले व नशा करने वालों का सामाजिक बहिष्कार कर उनके ऊपर आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त समिति द्वारा पीड़ित महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भी कार्य किया जाएगा। इस मौके पर कुमारी देवी, अंबिका देवी, सुलोचना देवी, रेखा रावत, मनीता,अतरी देवी, मीना देवी, हिवला देवी आदि मौजूद थे।
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पुरोला क्षेत्र में नशाखोरी एक बड़ी समस्या बन गई है, जिससे निपटने के लिए अब महिलाओं को ही एकजुट होकर जन आंदोलन करना होगा। प्रशासन व पुलिस को भी महिलाओं का समर्थन करते हुए नशे की तस्करी व बिक्री करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। - सुशीला शर्मा, अध्यक्ष, मां कल्याणकारी समिति।
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नशाखोरी के कारण महिलाओं को घरेलू हिंसा व आर्थिकी तंगी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका निस्तारण करने के लिए समिति ने जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ ही नशेड़ियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। - मीना सेमवाल, सचिव, मां कल्याणकारी समिति।