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गर्मा के साथ जिले के विभिन्न हिस्सों में गहराने लगा है पेयजल संकट
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पुरोला (उत्तरकाशी)। नगर के बढ़ती आबादी के लिहाज से पेयजल आपूर्ति के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। नगर के वार्ड संख्या एक व दो कुमोला रोड क्षेत्र में बीते तीन दिन से लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों ने जल संस्थान से शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है।
पुरोला के लिए चार दशक पूर्व पेयजल योजना का निर्माण कराया गया था। वर्ष 1998 में योजना का पुनर्निर्माण कराया गया। तब से अभी तक पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था इसी योजना के भरोसे चल रही है, जबकि इस बीच नगर क्षेत्र में आबादी कई गुना बढ़ चुकी है। नगर में पेयजल आपूर्ति करने वाली योजना पर बने महज 460 किलोलीटर क्षमता के पेयजल टैंक और पुरानी पाइप लाइन उपभोक्ताओं की प्यास बुझाने में नाकाफी साबित हो रही है। आजकल खेतों में धान की रोपाई वाले सीजन में स्रोत का अधिकांश पानी खेतों की ओर मोड़ दिए जाने के कारण भी दिक्कत आ रही है। जल संस्थान के सहायक अभियंता कुलदीप बिजल्वाण का कहना है कि धान की रोपाई के लिए स्रोत से पानी डायवर्ट किए जाने के कारण दिक्कत आ रही है। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से जरूरत का पानी मुख्य लाइन के लिए छोड़ने की अपील की है।
खच्चरों से पानी ढोने को मजबूर हैं ग्रामीण
चिन्यालीसौड़। धारकोट गांव में लंबे समय से पेयजल आपूर्ति ठप होने के कारण ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रधान रोशनी गुसाईं ने तहसीलदार केे लिखे पत्र में अवगत कराया कि हर बार गर्मियों में गांव में पेयजल की किल्लत आती है। ग्राम पंचायत के बट्टा, सिल्यारी व जुगत्यानी क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है, जिससे ग्रामीण करीब दो किमी दूर स्थित प्राकृतिक स्रोत से खच्चरों के माध्यम से पानी ढोने को मजबूर हैं। उन्होंने तहसीलदार से संबंधित विभाग को जलापूर्ति सुचारु करने के लिए निर्देशित करने की मांग की है।
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पुरोला के लिए चार दशक पूर्व पेयजल योजना का निर्माण कराया गया था। वर्ष 1998 में योजना का पुनर्निर्माण कराया गया। तब से अभी तक पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था इसी योजना के भरोसे चल रही है, जबकि इस बीच नगर क्षेत्र में आबादी कई गुना बढ़ चुकी है। नगर में पेयजल आपूर्ति करने वाली योजना पर बने महज 460 किलोलीटर क्षमता के पेयजल टैंक और पुरानी पाइप लाइन उपभोक्ताओं की प्यास बुझाने में नाकाफी साबित हो रही है। आजकल खेतों में धान की रोपाई वाले सीजन में स्रोत का अधिकांश पानी खेतों की ओर मोड़ दिए जाने के कारण भी दिक्कत आ रही है। जल संस्थान के सहायक अभियंता कुलदीप बिजल्वाण का कहना है कि धान की रोपाई के लिए स्रोत से पानी डायवर्ट किए जाने के कारण दिक्कत आ रही है। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से जरूरत का पानी मुख्य लाइन के लिए छोड़ने की अपील की है।
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खच्चरों से पानी ढोने को मजबूर हैं ग्रामीण
चिन्यालीसौड़। धारकोट गांव में लंबे समय से पेयजल आपूर्ति ठप होने के कारण ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रधान रोशनी गुसाईं ने तहसीलदार केे लिखे पत्र में अवगत कराया कि हर बार गर्मियों में गांव में पेयजल की किल्लत आती है। ग्राम पंचायत के बट्टा, सिल्यारी व जुगत्यानी क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है, जिससे ग्रामीण करीब दो किमी दूर स्थित प्राकृतिक स्रोत से खच्चरों के माध्यम से पानी ढोने को मजबूर हैं। उन्होंने तहसीलदार से संबंधित विभाग को जलापूर्ति सुचारु करने के लिए निर्देशित करने की मांग की है।
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